रायपुर 4 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / National Livestock Mission: Camel conservation receives a new boost. राष्ट्रीय पशुधन मिशन ऊंट , भारत सरकार का पशुपालन और डेयरी विभाग केंद्रीय प्रायोजित राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) के माध्यम से ऊंटों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार काम कर रहा है। योजना के अंतर्गत राजस्थान सहित ऊंट पालन करने वाले राज्यों को विशेष सहायता दी जा रही है।
नस्ल सुधार और प्रजनन अवसंरचना
एनएलएम-उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत ऊंट नस्ल वृद्धि फार्म स्थापित करने के लिए व्यक्तियों, स्वयं सहायता समूहों और किसान संगठनों को 50 लाख रुपये तक की 50 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी दी जाती है। इसके साथ ही, ऊंटों के आनुवंशिक सुधार के लिए राज्य सरकारों को न्यूक्लियस प्रजनन फार्म, प्रजनक समितियों और सीमन उत्पादन प्रयोगशालाओं की स्थापना हेतु करोड़ों रुपये की सहायता दी जा रही है।
राजस्थान में विशेष पहल
राजस्थान ने वर्ष 2014 में ऊंट को राज्य पशु घोषित किया। राज्य सरकार ने ऊंट संरक्षण एवं विकास नीति और मिशन के तहत ऊंटनी से जन्मे प्रत्येक बच्चे पर 20 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन तय किया है। साथ ही, मुफ्त बीमा, स्वास्थ्य जांच शिविर और ऊंटनी के दूध के विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
अन्य देशी पशुधन को भी लाभ
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत भेड़, बकरी, सूअर, घोड़ा, गधा और पोल्ट्री जैसी अन्य देशी नस्लों के संरक्षण और उद्यमिता विकास के लिए भी सब्सिडी उपलब्ध है। यह जानकारी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने लोकसभा में प्रश्न के उत्तर में दी।
