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रायपुर, 11 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / Charging mandatory service charge by restaurants illegal: CCPA/ रेस्तरां सेवा शुल्क गैरकानूनी , केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने स्पष्ट किया है कि होटल और रेस्तरां द्वारा खाने के बिल में अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क जोड़ना उपभोक्ता कानून का उल्लंघन है। इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार प्रथा माना गया है।

सीसीपीए ने देशभर के 27 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है। यह कदम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर मिली शिकायतों के आधार पर उठाया गया, जिनमें बिल के साथ जबरन जोड़े गए सेवा शुल्क के प्रमाण मिले थे।

यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2025 के फैसले के बाद की गई है, जिसमें अदालत ने कहा कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य सेवा शुल्क वसूलना कानून के खिलाफ है और सीसीपीए को अपने दिशानिर्देश लागू करने का पूरा अधिकार है।

सीसीपीए द्वारा 4 जुलाई 2022 को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार:

रेस्तरां बिल में अपने आप सेवा शुल्क नहीं जोड़ सकते।

किसी भी नाम से सेवा शुल्क लेना गलत है।

सेवा शुल्क देना पूरी तरह स्वैच्छिक है, इसके लिए उपभोक्ता को मजबूर नहीं किया जा सकता।

सेवा शुल्क न देने पर सेवा से इनकार नहीं किया जा सकता।

सेवा शुल्क पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा।

जांच में पाया गया कि पटना का कैफे ब्लू बॉटल और मुंबई का बोरा बोरा स्थित चाइना गेट रेस्टोरेंट जैसे कई रेस्तरां 10 प्रतिशत सेवा शुल्क जबरन वसूल रहे थे।

कैफे ब्लू बॉटल, पटना को:

उपभोक्ता को सेवा शुल्क लौटाने,

यह प्रथा तुरंत बंद करने,

और 30,000 रुपये जुर्माना भरने के निर्देश दिए गए।

वहीं चाइना गेट रेस्टोरेंट, मुंबई को:

बिलिंग सिस्टम में बदलाव करने,

50,000 रुपये जुर्माना अदा करने,

और उपभोक्ता शिकायतों के लिए ईमेल आईडी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।

सीसीपीए ने कहा है कि वह सेवा शुल्क से जुड़ी शिकायतों पर लगातार निगरानी रखेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले रेस्तरां के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।