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रायपुर, 04 सितंबर / ETrendingIndia / रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए भारत ने अपनी भूमिका को लेकर बड़ा संदेश दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव में कहा कि भारत युद्ध समाप्त कराने के प्रयासों में “किसी भी तरह की मदद” करने को तैयार है।

उन्होंने बातचीत और कूटनीति को ही समाधान का रास्ता बताया।

भारत की शांति पहल को मिला यूक्रेन का समर्थन

जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के साथ बैठक के बाद कहा कि युद्ध के हर गुजरते दिन का मतलब ज्यादा मौतें और तबाही है।

भारत संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान तलाशने के पक्ष में है। सिबिहा ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युद्ध समाप्त करने की अपील का स्वागत किया और कहा कि यूक्रेन कूटनीति के लिए तैयार है।

मोदी-पुतिन मुलाकात के बाद अहम बयान

जयशंकर का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया मुलाकात के कुछ ही दिन बाद आया है। मोदी ने भी युद्ध को खत्म करने और शांति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया था।

ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता

बैठक में ब्लैक सी में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का मुद्दा भी उठा। जयशंकर ने कहा कि भारतीय नाविक अलग-अलग देशों के जहाजों पर काम करते हैं और इस संघर्ष में कई लोग प्रभावित हुए हैं। समुद्री मार्ग बाधित होने से ईंधन, खाद और खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है।

यूक्रेन को भारत की मानवीय मदद जारी

जयशंकर ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद भारत यूक्रेन को 19 खेपों में मानवीय सहायता भेज चुका है। दोनों देशों ने व्यापार, डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप और एआई जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की।


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