Share This Article रायपुर 3 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / सिद्ध चिकित्सा वैश्विक स्वास्थ्य , चेन्नई के कलाईवनार आरंगम में 9वें सिद्ध दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि सिद्ध चिकित्सा आधुनिक दुनिया के लिए एक समग्र, निवारक और सतत स्वास्थ्य प्रणाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिद्ध, आयुर्वेद और योग जैसी भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि आज भी जीवंत और प्रभावी स्वास्थ्य परंपराएं हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिद्ध चिकित्सा शरीर, मन और प्रकृति के संतुलन पर आधारित है, जिससे जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों, तनाव और दीर्घकालिक रोगों के मूल कारणों का समाधान संभव होता है। यह पद्धति न केवल उपचार पर, बल्कि रोग-निवारण, जीवनशैली प्रबंधन और दीर्घकालिक स्वास्थ्य संरक्षण पर भी जोर देती है। केंद्रीय आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि सिद्ध का समग्र दृष्टिकोण आधुनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि सिद्ध को डब्ल्यूएचओ की आईसीडी-11 में मान्यता, अनुसंधान विस्तार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इसे वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर मजबूती मिली है। इस अवसर पर सिद्ध चिकित्सा में उत्कृष्ट योगदान देने वाली पांच प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया गया। “सिद्ध फॉर ग्लोबल हेल्थ” थीम के तहत आयोजित यह कार्यक्रम भारत की पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक नेतृत्व और जन-स्वास्थ्य में इसके लाभों को रेखांकित करता है। Share This Article Post navigation पंजाब में तोता-तोती की मौत पर परिवार ने निभाईं इंसानों जैसी रस्में, 300 लोगों को कराया भोजन; मानते थे लकी चार्म ईएमई कोर इंजीनियर्स में ग्रुप ‘सी’ के 11 पदों पर सीधी भर्ती