रायपुर 23 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / चांदी निवेश से लंबी अवधि में फायदा
2000 में चांदी की कीमत भारत में लगभग ₹7,900 प्रति किलोग्राम थी।
आज यह ₹2.16 लाख प्रति किलोग्राम के करीब ट्रेड कर रही है, जिससे निवेशकों को 25 वर्षों में 2600% से अधिक रिटर्न्स मिले हैं।
₹1,000 का निवेश 2000 में आज ₹26,455 बन चुका होता।
चांदी सुरक्षित निवेश और हेजिंग का माध्यम
चांदी को अक्सर सोने की तुलना में कम ध्यान दिया जाता था, लेकिन यह लंबे समय से निवेशकों के लिए मजबूत हेज रही है।
मंदी, मुद्रास्फीति और वैश्विक अस्थिरता के दौरान चांदी ने स्थिरता और सुरक्षा प्रदान की।
यह निवेशकों को पोर्टफोलियो में विविधता और जोखिम प्रबंधन में मदद करती है।
2025 में चांदी की कीमत में उछाल
चांदी निवेश रिटर्न्स , 2025 में चांदी की कीमत $70 प्रति औंस को पार कर गई और MCX पर ₹2,16,596 प्रति किलोग्राम तक पहुंची।
मुख्य कारण हैं:
- अमेरिकी और वेनेजुएला के बीच भू-राजनीतिक तनाव
- डॉलर की कमजोरी
- आपूर्ति संकट और खनन गतिविधियों में रुकावट
- औद्योगिक मांग में वृद्धि
इससे चांदी की वैश्विक और घरेलू मांग बढ़ी और निवेशकों की रुचि ताजा हुई।
चांदी क्यों महत्वपूर्ण निवेश है
चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया, 2025 में 140% की वृद्धि के साथ, जबकि सोने में 76% की वृद्धि हुई।
दीर्घकालिक निवेशकों ने इसका लाभ उठाया, और यह पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और धन-संरक्षण का प्रभावी माध्यम साबित हुई।
अतः निवेशकों के लिए चांदी एक सुरक्षित, लंबी अवधि का और रणनीतिक संपत्ति विकल्प बनी हुई है।
