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रायपुर 6 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / DSRI approves STREE project to NIT Raipur to empower rural women in the field of silk / STREE परियोजना NIT रायपुर , ग्रामीण भारत में महिला वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर को STREE (महिलाओं की आर्थिक वृद्धि को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों के माध्यम से कौशल विकास) परियोजना स्वीकृत की है।

इस परियोजना की स्वीकृति का हस्ताक्षर समारोह 4 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री जितेंद्र सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही।

यह पहल एनआईटी रायपुर की कंपनी एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी।

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की A2K+ योजना के अंतर्गत महिलाओं के लिए प्रौद्योगिकी विकास एवं उपयोग कार्यक्रम (TDUPW) के तहत समर्थित इस परियोजना के लिए 36 माह की अवधि हेतु 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।

इस परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महिला कौशल उपग्रह केंद्रों की स्थापना करना है, जिसके माध्यम से तीन वर्षों में 300 ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना को धमतरी जिला प्रशासन से श्री अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला पंचायत, डॉ. शैलेंद्र सिंह, सहायक निदेशक, CSSDA एवं जिला अधिकारी, तथा श्री जय वर्मा, DPM, CGSRLM शामिल हैं, जो स्थानीय समन्वय एवं व्यापक जनपहुंच सुनिश्चित करेंगे।

एनआईटी रायपुर की ओर से इस परियोजना का मार्गदर्शन निदेशक डॉ. एन. वी. रामना राव द्वारा किया जा रहा है।परियोजना का नेतृत्व डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सहायक प्राध्यापक एवं प्रधान अन्वेषक कर रहे हैं। उनके साथ श्री पवन कटारिया, सहायक कुलसचिव एवं सह-प्रधान अन्वेषक एवं प्रभारी अधिकारी, NITRRFIE के रूप में जुड़े हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग की ओर से डॉ. विपिन शुक्ला, वैज्ञानिक-जी एवं सलाहकार तथा A2K+ के प्रमुख, तथा डॉ. वंदना कालिया, वैज्ञानिक ‘एफ’ इस परियोजना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

परियोजना के अंतर्गत कोसा (कोकून) रेशम से फाइबर निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण, आधुनिक बुनाई तकनीकें, उत्पाद डिजाइन एवं विकास, उद्यमिता विकास कार्यक्रम तथा बाजार संपर्क सहायता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।