US
Share This Article

रायपुर,27 जून 2026/ ETrendingIndia / US imposes sanctions on 8 entities, including an Indian company and its CEO, on charges of fueling the Sudan civil war…” अमेरिका ने सूडान देश में चल रहे खतरनाक गृहयुद्ध को बढ़ावा देने के आरोप में एक भारतीय नागरिक और उनकी कंपनी समेत आठ लोगों और संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं.

अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने यह बड़ी कार्रवाई की है.

अमेरिकी सरकार का कहना है कि इन लोगों ने सूडान की सेना और लड़ाकों को हथियार, बारूद और विदेशी लड़ाके सप्लाई किए हैं, जिससे वहां का संकट बहुत ज्यादा बढ़ गया है.

इस कार्रवाई में भारत स्थित एक विस्फोटक निर्माता कंपनी और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ब्लैकलिस्ट किया गया है.

अमेरिकी सरकार के अनुसार, इस कंपनी ने सूडान की एक अन्य फर्म को भारी मात्रा में विस्फोटक और बारूद की आपूर्ति की थी. आरोपों के मुताबिक, इस सामग्री का इस्तेमाल सूडान की सेना द्वारा युद्ध में किया गया था.

अमेरिका ने सूडान और मिस्र की उन कंपनियों पर भी रोक लगाई है जो इस युद्ध में विभिन्न गुटों की मदद कर रही थीं.

सूडान की एक इंजीनियरिंग कंपनी को भी प्रतिबंधित किया गया है. इस कंपनी पर युद्ध के दौरान विभिन्न देशों से सैन्य वर्दी और अन्य जरूरी उपकरण मंगाने का आरोप है.

अमेरिका ने एक अंतरराष्ट्रीय भर्ती नेटवर्क से जुड़े अधिकारियों को भी ब्लैकलिस्ट किया है. आरोप है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल कोलंबिया जैसे देशों के पूर्व सैनिकों को पैसे देकर सूडान के अर्धसैनिक बलों की तरफ से लडऩे के लिए बुलाने में किया जा रहा था.

इन प्रतिबंधों के बाद, ब्लैकलिस्ट किए गए सभी लोगों और संस्थाओं की अमेरिका में मौजूद संपत्तियां और बैंक खाते फ्रीज किए जा सकते हैं. कोई भी अमेरिकी नागरिक या अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान अब इनके साथ व्यापार या पैसों का लेन-देन करने से बचेगा.

हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सूडान के आम नागरिकों के लिए मानवीय सहायता, जैसे दवाइयों और भोजन की आपूर्ति पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होंगे.