Share This Article नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026।Supreme Court Contempt Notice : सुप्रीम कोर्ट के आदेश का तय समयसीमा में पालन न किए जाने के आरोप पर केंद्रीय शिक्षा सचिव टीके अनिल कुमार को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया गया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह कदम उठाया। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। हालांकि, कोर्ट ने शिक्षा सचिव को सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मामला सीधे अवमानना से जुड़ा अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले को गंभीरता से लिया। पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि यह सीधे तौर पर कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट से जुड़ा मामला है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्यवाही में किसी नए संवैधानिक सवाल पर विचार नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल यह देखना है कि सुप्रीम कोर्ट के पहले दिए गए आदेश का पूरी तरह पालन हुआ या नहीं। अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका से शुरू हुई कार्रवाई यह कानूनी कार्रवाई अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल अवमानना याचिका के बाद शुरू हुई है। याचिका में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को धार्मिक या धर्मनिरपेक्ष शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों के अनिवार्य पंजीकरण और उनकी निगरानी के लिए एक स्पष्ट व्यवस्था बनाए जाने की मांग की गई थी। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को याचिका में उठाए गए मुद्दों पर तीन महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। तीन महीने की समयसीमा बीतने के बाद भी फैसला नहीं होने का दावा याचिकाकर्ता का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय तीन महीने की समयसीमा बीतने के बावजूद शिक्षा मंत्रालय ने इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया। इसी को अदालत के पूर्व आदेश का पालन नहीं किए जाने का आधार बताते हुए अवमानना याचिका दायर की गई। अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा है। चार हफ्ते बाद होगी अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध की है। अगली सुनवाई में शिक्षा मंत्रालय को यह स्पष्ट करना पड़ सकता है कि शीर्ष अदालत के निर्देश का पालन तय समय में क्यों नहीं हुआ। वहीं, व्यक्तिगत पेशी से मिली छूट के बावजूद केंद्रीय शिक्षा सचिव को अवमानना नोटिस का जवाब देना होगा। अब अगली सुनवाई में अदालत के रुख पर सभी की नजर रहेगी। Share This Article Post navigation BRICS Summit : शी जिनपिंग के सामने PM मोदी का बड़ा संदेश…! टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार न बनाएं EPFO पर बड़ा फैसला… ₹15 हजार की लिमिट बढ़कर ₹25 हजार, 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा