Share This Article नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026। Supreme Court Verdict : पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच लंबे समय से चल रहे बिजली बकाया भुगतान विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश को भाखड़ा-नांगल और ब्यास जलविद्युत परियोजनाओं से संबंधित बिजली बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश को करीब 7,719 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। यह विवाद वर्ष 1966 में पंजाब के पुनर्गठन के बाद से चला आ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से तीनों राज्यों के बीच लंबे समय से लंबित वित्तीय विवाद के समाधान का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। 1966 से चला आ रहा था बिजली बकाया का विवाद पंजाब के पुनर्गठन के बाद भाखड़ा-नांगल और ब्यास जलविद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली बिजली के बकाया भुगतान को लेकर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच विवाद शुरू हुआ था। इन परियोजनाओं से उत्पादित बिजली के हिस्से और उसके भुगतान को लेकर राज्यों के बीच लंबे समय से मतभेद बने हुए थे। हिमाचल प्रदेश का बिजली बकाया भुगतान से संबंधित अपना पक्ष रहा है, जबकि अन्य राज्यों की ओर से भी अपने दावे प्रस्तुत किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने 2011 के फैसले को बनाया आधार मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. महादेवन की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तुत पक्ष को भी ध्यान में रखा गया। अदालत ने अपने आदेश में वर्ष 2011 के फैसले का उल्लेख करते हुए बिजली बकाया भुगतान के लिए निर्धारित हिस्सेदारी के आधार पर हिमाचल प्रदेश को करीब 7,719 करोड़ रुपये चुकाने का निर्देश दिया। केंद्र सरकार ने भी समाधान का रखा था प्रस्ताव इस विवाद को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा था। केंद्र ने सुझाव दिया था कि संबंधित राज्यों के बीच बकाया भुगतान के निपटारे के लिए एक व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जाए। इसके तहत भुगतान की प्रक्रिया और बकाया राशि के निपटान को लेकर समाधान निकालने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, इस मामले में अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश और निर्धारित हिस्सेदारी के आधार पर सुनाया। तीन राज्यों के बीच लंबे विवाद के समाधान की उम्मीद भाखड़ा-नांगल और ब्यास परियोजनाओं से जुड़े बिजली भुगतान का मामला कई दशकों से लंबित था। इस विवाद के चलते राज्यों के बीच वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर मतभेद बने हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से बकाया राशि के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। अब हिमाचल प्रदेश को अदालत के निर्देश के अनुसार भुगतान करना होगा, जिससे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। Share This Article Post navigation CJI के खिलाफ सोशल मीडिया टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राहुल गांधी की पार्टी कांग्रेस को भेजा नोटिस, सार्वजनिक माफी की मांग Diwali Safety Tips : दीपावली पर पटाखों और दीयों से रहें सावधान… जलने पर तुरंत अपनाएं ये उपाय