Share This Article रायपुर, 28 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / भारतीय वायु सेना ने जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर बहुपक्षीय ‘अभ्यास तरंग शक्ति-2026’ के परिचालन चरण की शुरुआत कर दी है। 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूएई, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं। अभ्यास की थीम ‘साझेदारी में शक्ति’ रखी गई है। F-35, राफेल और F-16 जैसे लड़ाकू विमान शामिल अभ्यास में विदेशी दलों के F-35 लाइटनिंग-2, राफेल, F-16, A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A जैसे विमान शामिल हैं। इनके जरिए लड़ाकू अभियानों, हवाई परिवहन और हवा में ईंधन भरने जैसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन तालमेल पर जोर 2024 में हुए पहले संस्करण की सफलता के बाद इस अभ्यास में भारतीय वायु सेना और मित्र देशों की वायु सेनाएं विभिन्न मिशनों में संयुक्त प्रशिक्षण करेंगी। एयरक्रू, मिशन प्लानर और ऑपरेशनल कर्मियों के बीच अनुभव एवं जानकारी साझा करने के साथ इंटरऑपरेबिलिटी, एयरोस्पेस सुरक्षा और परिचालन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा। उड़ान के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी अभ्यास के दौरान सेमिनार, औद्योगिक भ्रमण, सेखों मैराथन, विरासत भ्रमण और योग सत्र जैसी गतिविधियां भी होंगी। इनके जरिए विदेशी दलों को भारत के एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग की क्षमताओं से परिचित कराने के साथ आपसी सहयोग और सौहार्द बढ़ाया जाएगा। अभ्यास तरंग शक्ति-2026 भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता और स्वदेशी एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ भाग लेने वाले देशों के बीच सहयोग, विश्वास और दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करने का मंच बनेगा। Share This Article Post navigation सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने चिनार कॉर्प्स क्षेत्र में राष्ट्रीय राइफल्स की तैयारियों का लिया जायजा चुनाव आयोग विवाद पर 30 सितंबर को दिल्ली में जुटेगा विपक्षी गठबंधन