Share This Article रायपुर, 12 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक टाटा समूह में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने फरवरी 2027 के बाद दोबारा पद संभालने से इनकार कर दिया है। वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे, लेकिन अब समूह में नए नेतृत्व की तलाश शुरू हो गई है। इस फैसले के पीछे बोर्ड स्तर पर सहमति न बनना और कुछ रणनीतिक मुद्दों पर मतभेद प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। फरवरी 2027 तक बने रहेंगे चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया है कि वह 20 फरवरी 2027 तक टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे। इसके बाद वह पुनर्नियुक्ति के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाएंगे। बोर्ड में सहमति नहीं बनने से लिया फैसला जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल का प्रस्ताव टाटा ट्रस्ट्स और बोर्ड की समितियों ने किया था, लेकिन बोर्ड के एक सदस्य के समर्थन न मिलने के कारण सर्वसम्मति नहीं बन सकी। नोएल टाटा और रणनीतिक मुद्दों पर मतभेद मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट प्रतिबद्धता चाहते थे। इनमें टाटा संस की संभावित लिस्टिंग और बोर्ड में प्रतिनिधित्व जैसे विषय शामिल बताए जा रहे हैं। 40 साल का शानदार सफर एन. चंद्रशेखरन 1987 में टाटा समूह से जुड़े थे। वर्ष 2009 में वह टीसीएस के सीईओ बने और 2017 में टाटा संस के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में समूह ने कई बड़े विस्तार और निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाया। कई चुनौतियों के बीच लिया गया निर्णय पिछले कुछ समय में एयर इंडिया से जुड़े मामलों, टीसीएस पर दबाव और जगुआर लैंड रोवर से संबंधित चुनौतियों के बीच यह नेतृत्व परिवर्तन टाटा समूह के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तराधिकारी की तलाश शुरू चंद्रशेखरन ने बोर्ड से जल्द नए नेतृत्व पर फैसला लेने का आग्रह किया है, ताकि निवेशकों, कर्मचारियों और साझेदारों के बीच स्पष्टता बनी रहे। Share This Article Post navigation हैदराबाद में एमजेन का बड़ा कदम, जीनोम वैली में खुलेगा साइंस-इनोवेशन सेंटर USA Crypto Bill से भारत पर बढ़ा दबाव… VDA कानून की मांग तेज