Share This Article रायपुर, 29 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / देश के चाय उद्योग पर दोहरी मार पड़ रही है। पिछले 5-6 हफ्तों में उत्तर भारत की प्रमुख चाय नीलामियों में कीमतों में तेज गिरावट आई है। वहीं असम और पश्चिम बंगाल में बाढ़, अत्यधिक गर्मी तथा कीट-रोगों के हमलों से उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। चाय उत्पादकों का कहना है कि इससे उद्योग की आर्थिक स्थिरता और नकदी की स्थिति पर गंभीर दबाव बढ़ गया है। नीलामी कीमतों में करीब 17% तक गिरावट टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, कोलकाता चाय नीलामी में औसत CTC चाय की कीमत 291.27 रुपये से घटकर 238.77 रुपये प्रति किलो रह गई। यानी दो महीने से भी कम समय में करीब 53 रुपये या 17% की गिरावट आई है। Tea Board के आंकड़ों में भी उत्तर भारत की नीलामी कीमतों में लगातार कमजोरी दिखाई दे रही है। 4 जुलाई को औसत कीमत करीब 263 रुपये प्रति किलो थी, जो 15 अगस्त तक घटकर करीब 229 रुपये रह गई। मौसम और कीट-रोग ने बढ़ाई परेशानी असम में अचानक आई बाढ़, अत्यधिक गर्मी और गंभीर कीट एवं बीमारी के प्रकोप से चाय की फसल प्रभावित हुई है। उत्पादन घटने के साथ लागत का दबाव भी बढ़ रहा है, जिससे चाय बागानों की वित्तीय स्थिति और कमजोर हो सकती है। भारत के लिए क्यों खास है चाय उद्योग? भारत दुनिया के प्रमुख चाय उत्पादक और उपभोक्ता देशों में शामिल है। असम की मजबूत और माल्टी चाय, दार्जिलिंग की विश्वप्रसिद्ध सुगंधित चाय और पश्चिम बंगाल के डूआर्स-तराई क्षेत्र की चाय भारतीय चाय की खास पहचान हैं। यह उद्योग केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में श्रमिकों और उनके परिवारों की आजीविका से जुड़ा है। चाय भारत के कृषि, ग्रामीण रोजगार और निर्यात क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उद्योग के सामने अब बड़ी चुनौती TAI की अध्यक्ष शैलजा मेहता ने मौजूदा स्थिति को उद्योग के लिए “गंभीर सच्चाई” बताया है। लगातार कम कीमत और उत्पादन संबंधी समस्याओं के बीच चाय बागानों की लागत निकालना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में उत्पादकों को कीमतों में स्थिरता और उद्योग को राहत देने वाले कदमों की जरूरत महसूस हो रही है। Share This Article Post navigation ITR Filing में बड़ा रिकॉर्ड…! इस साल अब तक 7 करोड़ से ज्यादा इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल सितंबर में अमेरिका दौरे पर जा सकते हैं पीयूष गोयल, जी-20 बैठक के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से हो सकती है अहम वार्ता