Share This Article रायपुर, 30 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे लोगों के लिए ‘टेली मानस’ सेवा एक महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकता है। भारत सरकार की पहल ‘टेली मेंटल हेल्थ असिस्टेंस एंड नेटवर्किंग अक्रॉस स्टेट्स’ (टेली मानस) का उद्देश्य लोगों को सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। कई बार सामाजिक झिझक, लोक-लाज या जानकारी के अभाव में लोग अपनी मानसिक परेशानियों को साझा नहीं कर पाते और समय पर सहायता लेने से वंचित रह जाते हैं। गोपनीयता बरकरार ऐसे में यह सेवा लोगों को गोपनीय तरीके से विशेषज्ञों से सलाह लेने का अवसर प्रदान करती है। टेली मानस सेवा के माध्यम से अत्यधिक तनाव, घबराहट, बेचौनी, लंबे समय तक उदासी, अवसाद के लक्षण, नींद से जुड़ी परेशानियां, पढ़ाई का दबाव और पारिवारिक समस्याओं जैसी स्थितियों में परामर्श लिया जा सकता है। इसके अलावा नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए भी विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। टोल-फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए नागरिक टोल-फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सेवा 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध है। सेवा के माध्यम से सहायता लेने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है, जिससे वे बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें। समस्याओं से जूझ रहा लोगों को सहायता के लिए प्रेरित करें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को नजरअंदाज न करें। यदि स्वयं या आसपास कोई व्यक्ति लगातार तनाव, उदासी अथवा व्यवहार में बदलाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा हो, तो उसे समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित करें। मानसिक समस्याओं पर खुलकर बात करना महत्वपूर्ण कदम मानसिक समस्याओं पर खुलकर बात करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सलाह लेना बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। Share This Article Post navigation हावड़ा के बांकड़ा में डेंगू के डंक के शिकार 623 लोग, अलर्ट मोड पर आया स्वास्थ्य विभाग हर साल 25 लाख भारतीयों को ब्रेन स्ट्रोक…! युवाओं में भी बढ़ रहा खतरा…