रायपुर 9 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के रूस तेल पर 500% टैक्स प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और स्थिति को ध्यानपूर्वक मॉनिटर कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की ऊर्जा रणनीति बाजार की परिस्थितियों और किफायती ईंधन उपलब्धता पर केंद्रित है।
रूस सैंक्शन्स बिल क्या कहता है
अमेरिकी रूस सैंक्शन्स बिल, जिसे रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट रिचर्ड ब्लूमेन्थल ने पेश किया है, देशों पर 500% तक टैक्स लगाने और द्वितीयक प्रतिबंधों की अनुमति देता है जो रूस से तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य उत्पाद खरीदते हैं।
इस बिल का उद्देश्य रूस की सैन्य वित्तीय क्षमता को कम करना है। अप्रैल 2025 में जारी बिल में राष्ट्रपति को 180 दिन तक 500% टैक्स में छूट देने का विकल्प भी शामिल है।
भारत और संभावित प्रभाव
यदि यह बिल पास हो जाता है, तो भारत को रूस के तेल और यूरेनियम पर 500% तक अमेरिकी टैक्स का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजारों पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
भारत की रणनीति
MEA प्रवक्ता ने कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता और किफायती कीमतों को ध्यान में रखते हुए अपनी नीति तय करता है। सरकार और उद्योग closely स्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि आवश्यक कदम समय पर उठाए जा सकें।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट निर्णय पर ध्यान
भारत की टिप्पणी उस समय आई है जब यूएस सुप्रीम कोर्ट ट्रम्प के टैक्सों पर अंतिम निर्णय देने वाला है। कोर्ट ने 9 जनवरी को “opinion day” रखा है, जो अमेरिका के व्यापार भागीदारों पर लगाए गए टैक्स पर पहला निर्णय होगा।
