Canada’s
DAVOS, SWITZERLAND - JANUARY 22: A bruise can be seen on the back of U.S. President Donald Trump's left hand during a signing ceremony for the “Board of Peace” at the World Economic Forum (WEF) on January 22, 2026 in Davos, Switzerland. The US-backed “Board of Peace” is intended to administer the fragile ceasefire in the Gaza Strip after the war between Israel and Hamas. The final makeup of the board has not been confirmed. (Photo by Chip Somodevilla/Getty Images)
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रायपुर 23 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / ट्रम्प का कनाडा आमंत्रण रद्द करने का निर्णय

यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा को अपने ग्लोबल Board of Peace से आमंत्रण वापस ले लिया।
यह कदम कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के डावोस में दिए गए भाषण के बाद आया।
कार्नी ने अपने भाषण में शक्तिशाली देशों द्वारा आर्थिक एकीकरण और टैरिफ को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की आलोचना की थी।


डावोस में कार्नी और ट्रम्प का टकराव

डावोस में कार्नी के भाषण को भारी तालियों से सराहा गया।
उन्होंने नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था के अंत को स्वीकार करने और “मध्यम शक्तियों” के सहयोग से अमेरिका की हегेमनी से बचाव का संदेश दिया।
इसके जवाब में ट्रम्प ने कहा कि कनाडा अमेरिका की वजह से जीवित है और कार्नी को अमेरिकी उदारता के लिए आभारी होना चाहिए।


शांति बोर्ड और सदस्य देश

ट्रम्प के शांति बोर्ड की स्थापना गाजा संघर्ष में सीजफायर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी।
स्थायी सदस्यों को 10 अरब डॉलर की फंडिंग में योगदान देना होगा।
अर्जेंटीना, बहरीन, मोरक्को, पाकिस्तान और तुर्की बोर्ड में शामिल हैं, जबकि ब्रिटेन, फ्रांस और इटली ने फिलहाल शामिल न होने का संकेत दिया है।


संयुक्त राष्ट्र और बोर्ड का उद्देश्य

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ट्रम्प के गाजा शांति योजना के तहत बोर्ड की स्थापना को अनुमोदित किया।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड के साथ यूएन की भागीदारी केवल इसी संदर्भ में होगी।
इस कदम से वैश्विक शांति प्रयासों और अमेरिका-कनाडा संबंधों पर नया राजनीतिक परिदृश्य सामने आया है।