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रायपुर 30 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों पर अमेरिकी टैरिफ

क्यूबा तेल टैरिफ आदेश के तहत अमेरिका ने सख्त कदम उठाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा इस आदेश के जरिए उन देशों के उत्पादों पर टैरिफ लगाया जा सकता है, जो क्यूबा को तेल बेचते हैं।

इस कारण वैश्विक व्यापार में नई अनिश्चितता पैदा हो सकती है। क्योंकि कई देश अप्रत्यक्ष रूप से भी क्यूबा को तेल आपूर्ति करते हैं।


मेक्सिको ने अस्थायी रूप से रोकी तेल आपूर्ति

क्यूबा तेल टैरिफ आदेश के बीच मेक्सिको ने बड़ा फैसला लिया। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम ने कहा कि देश ने क्यूबा को तेल भेजना अस्थायी रूप से रोक दिया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह निर्णय संप्रभु है।

लेकिन, इसके बावजूद यह कदम क्यूबा की ऊर्जा सुरक्षा के लिए चिंता बढ़ा सकता है। क्योंकि क्यूबा पहले से ही ईंधन संकट का सामना कर रहा है।


ट्रंप की क्यूबा नीति फिर हुई सख्त

क्यूबा तेल टैरिफ आदेश ट्रंप प्रशासन की क्यूबा के प्रति सख्त नीति को दर्शाता है। पहले भी अमेरिका क्यूबा पर आर्थिक दबाव बढ़ाता रहा है। अब तेल आपूर्ति से जुड़े देशों को निशाना बनाया गया है।

इसलिए बाजार में यह संकेत गया है कि अमेरिका अपने सहयोगियों पर भी दबाव बना सकता है। परिणामस्वरूप क्षेत्रीय कूटनीति में तनाव बढ़ सकता है।


वैश्विक तेल व्यापार पर पड़ सकता है असर

क्यूबा तेल टैरिफ आदेश का असर केवल क्यूबा तक सीमित नहीं रह सकता। उदाहरण के लिए, तेल निर्यात करने वाले देश अब अपने व्यापारिक संबंधों पर पुनर्विचार कर सकते हैं। इसी तरह कंपनियों को भी जोखिम का आकलन करना होगा।

अंत में, यह फैसला अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में नई हलचल पैदा कर सकता है। कुल मिलाकर, अमेरिका का यह कदम वैश्विक व्यापार समीकरण बदलने की क्षमता रखता है।