रायपुर, 13 जून 2026/ ETrendingIndia / “Trump’s Iran accusation: Claims drone attacks on Indian ships, labels peace agreement terms as false.” भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ईरान की ओर से ड्रोन हमला करने की कोशिश की गई, जिसे उन्होंने “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि ईरान को जल्द अपनी गतिविधियों पर नियंत्रण करना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर तनाव बना हुआ है।
शांति समझौते की शर्तों पर भी उठाए सवाल
ट्रंप का ईरान आरोप केवल ड्रोन हमले तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने ईरान पर अमेरिका-ईरान संभावित समझौते की शर्तों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का भी आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा सार्वजनिक की गई शर्तें वास्तविक लिखित समझौते से मेल नहीं खातीं।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, प्रस्तावित समझौता प्रदर्शन-आधारित (Performance-Based) है, जिसमें किसी भी प्रकार की राहत ईरान की प्रतिबद्धताओं के पालन पर निर्भर करेगी।
भारतीय नाविकों पर हमलों के बाद बढ़ा विवाद
इस सप्ताह ओमान तट के निकट भारतीय क्रू वाले कई वाणिज्यिक जहाज हमलों की चपेट में आए। एक घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत भी हुई। इसके बाद भारत ने इस मामले पर गंभीर चिंता जताई और अमेरिकी राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया।
वहीं ईरान ने इन घटनाओं के लिए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराया और भारतीय नागरिकों की मौत पर संवेदना भी व्यक्त की।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना वैश्विक चिंता का केंद्र
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है। हालिया घटनाओं के बीच अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी ड्रोन मार गिराने की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी निगरानी
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का ईरान आरोप और होर्मुज क्षेत्र में बढ़ता तनाव आने वाले दिनों में वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा बाजारों पर असर डाल सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन समुद्री सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
