Trump's visa
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रायपुर 16 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / ट्रंप वीज़ा सख्ती का सीधा असर

ट्रंप वीज़ा सख्ती प्रभाव अब साफ दिखने लगा है।
अमेरिकी प्रशासन ने 2025 में 1 लाख से अधिक वीज़ा रद्द किए।
इनमें करीब 8,000 स्टूडेंट वीज़ा शामिल हैं।
इस कारण भारतीय छात्रों में अनिश्चितता बढ़ी है, और वे विकल्प तलाश रहे हैं।

इसके अलावा, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उठाया गया।
लेकिन, इसका सीधा असर भारतीय STEM छात्रों पर पड़ा है।


H-1B सुधार और नौकरी की बढ़ती चिंता

ट्रंप वीज़ा सख्ती प्रभाव केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है।
H-1B वीज़ा सिस्टम में बदलाव से नौकरी की राह मुश्किल हुई है।
अब चयन पूरी तरह लॉटरी आधारित नहीं रहा।
इस कारण, शुरुआती करियर वाले छात्रों में चिंता बढ़ी है।

हालांकि, मजबूत प्रोफाइल के बावजूद चयन वेतन और कंपनी की जोखिम क्षमता पर निर्भर हो गया है।
इसलिए, अमेरिका अब पहले जितना सुरक्षित विकल्प नहीं लग रहा।


यूरोप क्यों बन रहा है Plan B

इस कारण, ट्रंप वीज़ा सख्ती प्रभाव के बीच यूरोप उभरता विकल्प बन रहा है।
जर्मनी और नीदरलैंड्स जैसे देश स्पष्ट पोस्ट-स्टडी रास्ता देते हैं।
जर्मनी में जॉब-सर्च वीज़ा है, और नीदरलैंड्स में ओरिएंटेशन ईयर।

इसके अलावा, यहां पढ़ाई से नौकरी तक का रास्ता ज्यादा पारदर्शी है।
इसलिए, छात्र अब केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि स्थिरता देख रहे हैं।


हाइब्रिड माइग्रेशन रणनीति का बढ़ता चलन

कुल मिलाकर, ट्रंप वीज़ा सख्ती प्रभाव ने सोच बदल दी है।
अब छात्र एक ही देश पर निर्भर नहीं रहना चाहते।
न्यूज़ीलैंड जैसे देश भी विकल्प बन रहे हैं।

अंततः, छात्रों के लिए अब गति नहीं, बल्कि निश्चित भविष्य अहम है।
निष्कर्षतः, अमेरिका के साथ-साथ यूरोप अब मजबूत Plan B बन चुका है।