Share This Article रायपुर,14 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / Twisha Sharma Death Case: AIIMS’s final forensic report submitted to the CBI. भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मृत्यु प्रकरण की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम न्यायालयिक (फॉरेंसिक) रिपोर्ट केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कथित रूप से घटना में इस्तेमाल की गई जिम बेल्ट पर त्वचा के ऊतक मिलने तथा बेल्ट के निशानों का मृतका की गर्दन पर पाए गए फंदे के निशानों से मेल खाने का उल्लेख किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, ऊतक परीक्षण (हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच) और अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों में जिम बेल्ट पर मिले त्वचा ऊतकों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही बेल्ट पर मौजूद निशानों और ट्विशा शर्मा की गर्दन पर मिले फंदे के निशानों के बीच समानता भी पाई गई है। हालांकि मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। न्यायालय के निर्देशों के अनुसार रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है। इसी कारण मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी है। अब जांच एजेंसी इस रिपोर्ट को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी और आगे की जांच इसी आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। मई में ससुराल की छत पर मिला था शव नोएडा निवासी 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का विवाह दिसंबर 2025 में भोपाल के सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला के अधिवक्ता पुत्र समर्थ से हुआ था। दोनों की मुलाकात वर्ष 2024 में एक डेटिंग ऐप के माध्यम से हुई थी। 12 मई को ट्विशा का शव भोपाल स्थित उनके ससुराल की छत पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि दहेज की मांग और लगातार मानसिक प्रताडऩा के कारण उनकी बेटी की मृत्यु हुई। इस मामले में पति समर्थ और उसकी मां, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला, मुख्य आरोपी हैं। दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। जांच की दिशा तय कर सकती है रिपोर्ट मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के लिए एम्स की यह अंतिम न्यायालयिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि रिपोर्ट की आधिकारिक सामग्री अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, इसलिए इसके निष्कर्षों की पुष्टि न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिपोर्ट के आधार पर जांच की दिशा और अभियोजन की आगे की रणनीति तय हो सकती है। Share This Article Post navigation एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : 40 हज़ार करोड़ के निवेश हुए प्राप्त – मुख्यमंत्री , स्पेन का सबमर ग्रुप भोपाल में स्थापित करेगा 20 हजार करोड़ रूपये का AI रेडी डेटा सेंटर FCI ने 1,160 करोड़ रुपये के चावल घोटाले के दावे को किया खारिज, जांच सिर्फ 5.63 लाख रुपये तक सीमित