रायपुर, 31 जुलाई 2026 / ETrendingIndia / मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बसंत विहार क्षेत्र में रेप्टाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां विभिन्न प्रजातियों के सर्पों और अन्य सरीसृपों के संरक्षण, प्रदर्शन और अध्ययन की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में निर्माणाधीन रेप्टाइल पार्क (सर्प उद्यान) एवं अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण कर इसे वन्यजीव संरक्षण, शोध और जन-जागरूकता का आधुनिक केंद्र बनाने के निर्देश दिए।
सुरक्षित रेस्क्यू का प्रशिक्षण
उन्होंने होमगार्ड जवानों को सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया, ताकि रिहायशी क्षेत्रों में निकलने वाले सर्पों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित पकड़ा जा सके और लोगों में भय कम हो।
शोध और शिक्षा का बनेगा बड़ा केंद्र
पार्क में रिसर्च सेंटर, एजुकेशन सेंटर, इंटरप्रिटेशन सेंटर, रेस्क्यू सेंटर, चिकित्सालय, पोस्टमार्टम कक्ष और स्नेक पार्क जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और वन्यजीव विशेषज्ञों को अध्ययन का बेहतर अवसर मिलेगा।
वन्यजीव संरक्षण और जागरूकता पर जोर
रेप्टाइल पार्क का उद्देश्य केवल सर्पों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोगों में यह जागरूकता बढ़ाना भी है कि अधिकांश सांप पर्यावरण और जैव विविधता के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। केंद्र संकटग्रस्त सरीसृपों के संरक्षण और पुनर्वास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उज्जैन को मिलेगी नई पहचान
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उज्जैन को वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा दे सकती है।
