रायपुर 29 दिसंबर 2025/ Ujjain Simhastha will be a grand, divine and historic event – Chief Minister, Chintamani Ganesh will be the main station, airport is being built in Ujjain / उज्जैन सिंहस्थ 2028 आयोजन , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है, अभिनंदन है। बीते तीन-चार दिनों के अंदर ही 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। उज्जैन आने वाले सभी श्रद्धालु सिर्फ हमारे मेहमान नहीं, स्वयं बाबा महाकाल द्वारा आमंत्रित अतिथि हैं। महाकाल ने उन्हें दर्शन देने के लिए बुलाया है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं के सत्कार से जुड़ी हर व्यवस्था में संवेदना और आत्मीयता भी होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से ही उज्जैन नगरी सिर्फ भारत नहीं, सम्पूर्ण विश्व की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनी हुई है। उज्जैन के नागरिकों का सहयोग ही बाबा महाकाल की सच्ची सेवा है।
मुख्यमंत्री ने कहा सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर सिंहस्थ-2028 को सबसे भव्य, दिव्य और अनुशासित के साथ एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक आयोजन बनाएंगे।
मुख्यमंत्री उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां लगभग 129 करोड़ रुपए की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रोजेक्ट स्वाध्याय (Coding for All) का शुभारंभ किया। इस प्रोजेक्ट के जरिए विद्यार्थियों को कम उम्र से ही कोडिंग और डिजिटल सोच से जोडा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने UtkarshUjjain.com वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया। यह पोर्टल युवाओं के लिए सीखने, मार्गदर्शन और अवसरों का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा। साथ ही कौशल सेतु इंडस्ट्री -लीड स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी आगाज किया। कौशल सेतु शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को पाटते हुए युवाओं को वास्तविक इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तीनों पहले उज्जैन के युवाओं को केवल डिग्री तक ही सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि उन्हें जॉब-रेडी, स्टार्टअप-रेडी और फ्यूचर-रेडी बनाने का आधार तैयार करेंगी।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन शहरी क्षेत्र में 124 करोड़ रुपए लागत से बनने वाले 11 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इसमें करीब 102 करोड़ रुपए लागत से विभिन्न सड़कों का चौड़ीकरण कार्य, 9.50 करोड़ रुपए लागत से कपिला गौशाला (3000 गौ-वंश क्षमता वाली) का संवर्धन एवं विकास कार्य, 8.75 करोड़ रुपए लागत से पंवासा क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में विकास कार्य, 3.47 करोड़ रुपए लागत से कानीपुरा में स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का निर्माण तथा लगभग 5 करोड़ रुपए लागत से नवीन जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है। इन सभी कार्यों के अलावा 45 करोड़ लागत के अन्य काम भी प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि उज्जैन के इस पुराने हॉकी स्टेडियम में आधुनिक एस्ट्रोटर्फ लगाया जाएगा, जिससे यहां इंटरनेशनल हॉकी मैच हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारी कोशिश है कि 30 किलोमीटर लम्बे घाटों में 24 घंटे में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान/आचमन कर लें। सिंहस्थ को बेहतर बनाने के लिए हमने उज्जैन में 2675 करोड़ रुपए की लागत से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दे दी है। सिंहस्थ के दौरान क्राउड मैनेजमेंट पर हमारा विशेष ध्यान रहेगा। इसीलिए संपूर्ण मेला क्षेत्र को फोर लेन और सिक्स लेन मार्गों से जोड़कर निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है।
श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उज्जैन को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी दिशा में उज्जैन में आधुनिक मेडिसिटी का निर्माण प्रगति पर है।
यहां एक नया इंडस्ट्रियल पार्क भी बनाया जा रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज के पुराने कैम्पस में नया आईटी पार्क और साइंस सिटी बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रोजेक्ट स्वाध्याय के लिए 3 हजार युवाओं के लिए निनौरा और मक्सी के पास 2 हजार युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र शुरू किए हैं।
इंदौर-उज्जैन के बीच भविष्य में मेट्रो भी दौड़ेगी, लेकिन उससे पहले वंदे भारत मेट्रो ट्रेन की सौगात मिलेगी। शहर के चिंतामण गणेश स्टेशन को भी मुख्य स्टेशन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। मोहनपुरा में भी एक नया रेलवे स्टेशन बनेगा। उज्जैन के समीप ही एक बड़ा एयरपोर्ट भी बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु सीधे उज्जैन में ही उतर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में शनि लोक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 140 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह शनि लोक आस्था और पर्यटन के क्षेत्र में उज्जैन की एक और नई पहचान स्थापित करेगा।
उज्जैन को दूसरे शहरों से जोड़ने के लिए यहां चारों दिशाओं में फोरलेन बन रहे हैं। यहां करीब 12-13 नए पुल भी निर्माणाधीन हैं। इससे आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया का हिस्सा होगा। यह कुल 14 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। दिल्ली के बाद देश का यह दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन एरिया बनने जा रहा है। इसमें उज्जैन संभाग के शाजापुर, शुजालपुर, देवास और रतलाम भी शामिल होंगे।
यह हमारा सौभाग्य है कि 1980 के बाद पहली बार क्षिप्रा के जल से ही सिंहस्थ में स्नान होगा। कान्ह नदी परियोजना के माध्यम से उज्जैनवासियों को आचमन के लिए शुद्ध जल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से ऐसे स्वयंसेवियों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। उज्जैन दुनिया के लिए ग्रहों की काल गणना का केंद्र रहा है। राज्य सरकार ने इसी आधार पर वैदिक घड़ी तैयार की है। सिंहस्थ की आयोजन के लिए शहर में विरासत का संरक्षण करते हुए विकास कार्यों को गति दी जा रही है। बाबा महाकाल मंदिर के पास सम्राट विक्रमादित्य होटल को नया रूप दिया गया है। वीर भारत न्यास के माध्यम से पुरानी कोठी का भी जीर्णोद्धार किया गया है।
