Share This Article नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026। UPI MDR Charge 2026 : UPI पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने UPI पर Merchant Discount Rate यानी MDR को लेकर नया फ्रेमवर्क लागू करने का ऐलान किया है। नए नियम के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI Merchant Transactions पर 0.40 फीसदी तक MDR लागू होगा। हालांकि, इसका असर हर दुकानदार या व्यापारी पर नहीं पड़ेगा। छोटे व्यापारियों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। नया MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने की बात कही गई है। ऐसे में UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों और कारोबारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह चार्ज किसे देना होगा, कितना देना होगा और क्या इसका बोझ सीधे ग्राहक की जेब पर पड़ेगा। ग्राहकों को नहीं देना होगा UPI MDR चार्ज नए नियम की सबसे अहम बात यह है कि 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI Payment करने वाले ग्राहक से सीधे MDR नहीं लिया जाएगा। यह व्यवस्था Person to Merchant यानी P2M Transactions से जुड़ी है। इसका मतलब है कि चार्ज का दायरा चुनिंदा व्यापारियों और मर्चेंट कैटेगरी तक सीमित रहेगा। अगर कोई ग्राहक किसी दुकान, कारोबारी या सेवा प्रदाता को UPI के जरिए भुगतान करता है, तो केवल इस वजह से ग्राहक के भुगतान की रकम के ऊपर MDR नहीं जोड़ा जाएगा। छोटे व्यापारियों को भी निर्धारित शर्तों के तहत इस चार्ज से छूट दी गई है। बड़े व्यापारियों के लिए 0.40 फीसदी MDR, अधिकतम ₹300 की सीमा नए फ्रेमवर्क के मुताबिक, पात्र बड़े व्यापारी को 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.40 फीसदी तक MDR देना होगा। हालांकि इस चार्ज की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन रखी गई है। यानी किसी भी पात्र व्यापारी से एक ट्रांजेक्शन पर 300 रुपये से ज्यादा MDR नहीं लिया जाएगा। वहीं 2,000 रुपये तक के पेमेंट पर MDR लागू नहीं होगा। इसका मतलब यह है कि किसी बड़े व्यापारी को भी 2,000 रुपये से कम की UPI Transaction पर इस शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को राहत सब्जी विक्रेता, चाय की दुकान, छोटी किराना दुकान और अन्य छोटे कारोबारियों को नए MDR मॉडल में राहत दी गई है। P2PM कैटेगरी के तहत आने वाले छोटे व्यापारियों को QR Code के जरिए महीने में 1 लाख रुपये तक का भुगतान प्राप्त होने पर MDR से छूट दी गई है। इसका मतलब है कि छोटे व्यापारी 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान भी प्राप्त करते हैं, फिर भी निर्धारित सीमा के भीतर रहने पर उन पर MDR नहीं लगेगा। सरकार के अनुसार UPI Transactions का बड़ा हिस्सा छोटे व्यापारियों से जुड़ा है, इसलिए नए मॉडल में उन्हें अलग रखा गया है। कुछ सेक्टरों के लिए अधिकतम ₹5 का MDR नए नियमों में कुछ खास सेक्टरों के लिए अलग व्यवस्था भी बताई गई है। टेलीकॉम, बीमा, रेलवे और पेट्रोल-डीजल जैसे क्षेत्रों में 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर अधिकतम 5 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन MDR का प्रावधान रखा गया है। इस श्रेणी में 2,000 रुपये से ज्यादा का मोबाइल रिचार्ज, बीमा प्रीमियम, रेलवे टिकट और पेट्रोल-डीजल से जुड़े भुगतान शामिल बताए गए हैं। यानी इन सेवाओं के लिए MDR की सीमा सामान्य पात्र मर्चेंट की तुलना में काफी कम रखी गई है। ग्राहकों से MDR वसूलने पर क्या होगा? MDR का बोझ सीधे ग्राहक से वसूलने की अनुमति नहीं होगी। दुकानदार या व्यापारी UPI Payment लेते समय ग्राहक से अलग से MDR के नाम पर रकम नहीं मांग सकते। इसी तरह UPI Apps पर भी इस MDR के नाम पर ग्राहक से अतिरिक्त प्लेटफॉर्म फीस लगाने की बात नए फ्रेमवर्क का हिस्सा नहीं है। सरकार के मुताबिक नए MDR मॉडल का उद्देश्य UPI Ecosystem के बुनियादी ढांचे को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। UPI नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने, सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और डिजिटल फ्रॉड से निपटने के लिए बैंकों तथा फिनटेक कंपनियों को होने वाले खर्च को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लाई जा रही है। Share This Article Post navigation अगले वर्ष दुनिया की सबसे बड़ी खुली कोयला खदान कंपनी बनने की दिशा में एसईसीएल : धीरज चौधरी Today Share Market : मंगलवार के क्रैश के बाद बाजार में तूफानी वापसी, सेंसेक्स 500 अंक उछला, निफ्टी 23,200 के पार