US-Iran TensionUS-Iran Tension
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वाशिंगटन/तेहरान, 1 नवंबर 2026। US-Iran Tension : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के एक या दो शेष ठिकानों को महज 10 मिनट में नष्ट करने की क्षमता रखता है। दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए अपनी सेना को किसी भी खतरे का तत्काल और प्रभावी जवाब देने का निर्देश दिया है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बयानों से पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव की आशंकाएं बढ़ गई हैं।

ट्रंप बोले- 10 मिनट में नष्ट कर सकते हैं ईरान के ठिकाने

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका ईरान के परमाणु संयंत्रों को पहले ही नष्ट कर चुका है। हालांकि, अभी भी एक या दो ऐसे ठिकाने हैं, जिन्हें निशाना बनाया जाना बाकी है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना इन ठिकानों को महज 10 मिनट के भीतर नष्ट कर सकती है।

उन्होंने पिकैक्स माउंटेन का भी उल्लेख किया और कहा कि इस स्थान पर ध्यान देने की जरूरत है। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका इसी सप्ताह ईरान पर हमला करेगा, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया।

मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका-इजरायल को दी चेतावनी

दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ बैठक में अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर या प्रकार के खतरे का तत्काल और प्रभावी जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जवाबी कार्रवाई भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

ईरान ने संभावित लक्ष्यों की सूची अपडेट करने का दिया आदेश

मोजतबा खामेनेई ने सैन्य कमांडरों को ईरान के संभावित लक्ष्यों की सूची नए सिरे से तैयार करने और उसे अपडेट करने का निर्देश भी दिया। इस सूची में अमेरिका और इजरायल से संबंधित विभिन्न प्रकार की संपत्तियों को शामिल करने की बात कही गई है।

सर्वोच्च नेता बनने के बाद सैन्य कमांडरों के साथ अहम बैठक

बताया जा रहा है कि सर्वोच्च नेता बनने के बाद मोजतबा खामेनेई और ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच यह पहली महत्वपूर्ण बैठक थी। इस बैठक में संभावित खतरों और जवाबी कार्रवाई की तैयारियों पर चर्चा हुई।

पश्चिम एशिया में बढ़ सकता है सैन्य तनाव

ट्रंप की सैन्य कार्रवाई संबंधी चेतावनी और मोजतबा खामेनेई के जवाबी कार्रवाई के निर्देशों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। फिलहाल ट्रंप ने ईरान पर हमले की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। ऐसे में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और दोनों देशों के अगले कदमों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।


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