रायपुर 30 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / “Vanakkam Kashi” Painting Competition organized under Kashi-Tamil Sangamam 4.0 / वणक्कम काशी चित्रकला प्रतियोगिता , काशी–तमिल संगमम् 4.0 के अवसर पर वाराणसी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर आज “वणक्कम काशी” चित्रकला प्रतियोगिता उत्साह के साथ आयोजित की गई।
यह कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करते हुए उत्तर भारत की काशी और दक्षिण भारत की तमिल संस्कृति के गहरे और प्राचीन संबंधों को कला के माध्यम से सामने लाता है।
प्रतियोगिता का मुख्य विषय था— “काशी और तमिलनाडु की समृद्ध संस्कृतियों का उत्सव”। इस विषय के तहत छात्रों और अन्य प्रतिभागियों को दोनों संस्कृतियों की समान परंपराओं और आध्यात्मिक जुड़ाव को चित्रों में दिखाने का अवसर मिला।
चित्रों में प्रतिभागियों ने काशी के घाटों, नटराज, काशी विश्वनाथ मंदिर, मेनाक्षी अम्मन मंदिर, भरतनाट्यम नृत्य, द्रविड़ स्थापत्य, बनारसी बुनकरी और अन्य पारंपरिक कलाओं को सुंदर रूप में पेश किया। इस आयोजन में बनारस और अन्य स्थानों के कई छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय के डॉ. महेश सिंह और डॉ. सुनील पटेल ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ काशी और तमिल संस्कृति के अद्भुत संगम को समझने का प्रभावी माध्यम हैं।
दर्शकों और पर्यटकों ने भी चित्रों को देखकर कार्यक्रम की खूब सराहना की। प्रतियोगिता के नतीजे अगले दिन घोषित किए जाएंगे और विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियाँ युवाओं को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूक और गर्व महसूस कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
