रायपुर, 01 अगस्त 2026 / ETrendingIndia / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैसूर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने, शिक्षा, नवाचार, खेल, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ‘वोकल फॉर लोकल’ को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
युवाओं की ताकत पर भरोसा
पीएम ने कहा कि भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति, स्टार्टअप, डिजिटल क्रांति, एआई, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष क्षेत्र की सफलता के पीछे देश के युवाओं का सामर्थ्य है।
शिक्षा में बड़ा विस्तार
पिछले 12 वर्षों में 650 से अधिक विश्वविद्यालय, 14 हजार नए कॉलेज, 4 हजार से अधिक आईटीआई, 7 आईआईटी, 9 आईआईएम और 13 नए एम्स स्थापित किए गए।
नई शिक्षा नीति पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है। मातृभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा से अवसरों में समानता बढ़ी है।
खेल और फिटनेस को बढ़ावा
खेलो इंडिया जैसे अभियानों से युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।
स्वच्छता और पर्यावरण का संदेश
प्रधानमंत्री ने मैसूर की स्वच्छता की सराहना करते हुए जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान
लोगों से भारतीय हस्तशिल्प, मैसूर सिल्क, चंदन और स्थानीय उत्पादों को उपहार के रूप में अपनाने की अपील की, ताकि स्थानीय कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिले।
कन्नड़ भाषा और साहित्य का सम्मान
युवाओं से कन्नड़ साहित्य और पढ़ने की संस्कृति को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
स्वामी विवेकानंद का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का सपना था ऐसा भारत, जहां युवा राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें। विवेक स्मारक उसी सोच को नई ऊर्जा देगा।
