Share This Article बीकानेर, 25 सितंबर 2026। Yudh Abhyas 2026 : भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर गुरुवार को राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचे, जहां भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच ‘युद्ध अभ्यास 2026’ चल रहा है। दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास का यह 22वां संस्करण है। अभ्यास का आयोजन राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज और उत्तराखंड के औली में एक साथ किया जा रहा है। दोनों देशों की सेनाओं के करीब 600-600 सैन्यकर्मी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। महाजन पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचने के बाद भारतीय और अमेरिकी सैनिकों को एक साथ प्रशिक्षण करते देखने को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने संयुक्त अभ्यास को दोनों सेनाओं के बीच प्रशिक्षण, तालमेल और रक्षा सहयोग को मजबूत करने वाला अवसर बताया। गोर ने सोशल मीडिया पर भी भारतीय और अमेरिकी सैनिकों के साथ प्रशिक्षण तथा हथियारों, उपकरणों और मानवरहित प्रणालियों से जुड़ी विशेषज्ञता साझा किए जाने की जानकारी दी। अपाचे से लेकर तोपों तक दिखी ताकत महाजन रेंज में दोनों सेनाओं ने संयुक्त फायरिंग और सैन्य प्रशिक्षण किया। अभ्यास में भारतीय सेना की पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर और धनुष आर्टिलरी सिस्टम के साथ एएच-64ई अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर जैसी प्रणालियां शामिल रहीं। संयुक्त फायरिंग प्रदर्शन के दौरान दोनों सेनाओं ने अलग-अलग हथियार प्रणालियों के साथ समन्वित कार्रवाई का अभ्यास किया। M777 और पिनाका से संयुक्त फायरिंग युद्ध अभ्यास के दौरान महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एम777 हॉवित्जर, धनुष तोप और पिनाका रॉकेट सिस्टम से फायरिंग की गई। दोनों देशों के सैनिकों ने लक्ष्य पहचान, फायर ऑर्डर और फायरिंग प्रक्रियाओं से जुड़े अभ्यास में हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच संचालन संबंधी तालमेल और एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने में सुधार करना है। दो अलग-अलग इलाकों में चल रहा अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ का आयोजन एक साथ राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्र और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में किया जा रहा है। औली में पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय परिस्थितियों में संयुक्त सैन्य क्षमताओं पर प्रशिक्षण हो रहा है, जबकि महाजन रेंज में फायरिंग और मैदानी युद्धाभ्यास पर जोर है। इस संस्करण में ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों से जुड़ी निगरानी एवं टोही क्षमताओं पर भी प्रशिक्षण और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान किया जा रहा है। 28 सितंबर तक चलेगा युद्ध अभ्यास 22वें संस्करण का उद्घाटन 15 सितंबर 2026 को औली में हुआ था और अभ्यास 28 सितंबर तक चलने का कार्यक्रम है। दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान अपनी रणनीति, तकनीक, संचार प्रक्रियाओं और संचालन संबंधी तालमेल को बेहतर बनाने पर काम कर रही हैं। Share This Article Post navigation राहुल गांधी का बड़ा हमला : ‘ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें, वोट चोरी देशद्रोह’…