Deepinder Goyal
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रायपुर 5 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / 10 मिनट डिलीवरी विवाद पर Deepinder Goyal की सफाई

10 मिनट डिलीवरी विवाद के बीच Eternal के फाउंडर और CEO Deepinder Goyal ने गिग वर्कर्स के शोषण के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि डिलीवरी पार्टनर्स पर समय का कोई दबाव नहीं होता।

इसके अलावा, उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज डिलीवरी किसी को तेज चलाने के लिए मजबूर करके नहीं कराई जाती। यह सिस्टम स्टोर्स की नजदीकी पर आधारित है।


स्टोर्स की संख्या से संभव होती है 10 मिनट डिलीवरी

Deepinder Goyal के अनुसार, 10 मिनट डिलीवरी विवाद की असली वजह ऑर्डर की हाई डेंसिटी है। उदाहरण के लिए, दिल्ली NCR में 400 से अधिक Blinkit स्टोर्स मौजूद हैं।

इस कारण, औसत पैकिंग टाइम सिर्फ 1 मिनट 40 सेकंड रहता है। इसके बाद, एक किलोमीटर की दूरी आसानी से तय हो जाती है। इसलिए, डिलीवरी पार्टनर्स को जल्दबाज़ी करने की जरूरत नहीं पड़ती।


डिलीवरी पार्टनर्स को नहीं दिखता टाइमर

उन्होंने आगे बताया कि 10 मिनट डिलीवरी विवाद में एक बड़ा भ्रम टाइमर को लेकर है। यह टाइमर केवल ग्राहक देखता है, डिलीवरी पार्टनर नहीं।

डिलीवरी पार्टनर को सिर्फ एक असाइनमेंट मिलता है। वह डिलीवरी पूरी करता है और फिर वापस लौटता है। इसे उन्होंने “शफलिंग जॉब” बताया।


राघव चड्ढा ने उठाए गिग वर्कर्स के मुद्दे

हालांकि, 10 मिनट डिलीवरी विवाद पर AAP सांसद राघव चड्ढा ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि गिग वर्कर्स भारतीय अर्थव्यवस्था की अदृश्य रीढ़ हैं।

अंत में, उन्होंने संसद से अपील की कि गिग वर्कर्स को सम्मान, सुरक्षा और उचित वेतन मिले। निष्कर्षतः, यह बहस अब नीति और मानवता दोनों से जुड़ गई है।