रायपुर 18 नवंबर 2025 / ETrendingIndia / No need to go to the market anymore… Grow fresh strawberries at home amid growing strawberry farming in india / घर पर स्ट्रॉबेरी उगाएँ , भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहे फलों में स्ट्रॉबेरी का नाम सबसे ऊपर है। इसका मीठा स्वाद, सुर्ख लाल रंग और उच्च पौष्टिकता इसे हर मौसम में पसंदीदा फल बनाते हैं। खास बात यह है कि अब स्ट्रॉबेरी खरीदने के लिए बाजार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं—आप इसे घर पर भी आसानी से उगा सकते हैं। बस कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा।
भारत में स्ट्रॉबेरी का बढ़ता महत्व
स्ट्रॉबेरी पारंपरिक रूप से हिमाचल, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में उगाई जाती रही है, लेकिन बदलते समय के साथ अब देश के कई नए राज्यों में इसकी खेती बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ में भी कृषि-विविधिकरण और उभरते बागवानी क्षेत्र के कारण स्ट्रॉबेरी की खेती बढ़ रही है। राज्य के कुछ हिस्सों—विशेषकर कोरिया, मनेन्द्रगढ़, सरगुजा, कांकेर और बस्तर—में ठंडी जलवायु वाले इलाकों में स्ट्रॉबेरी की पौध तैयार करने और व्यावसायिक खेती के प्रयास सफल रहे हैं।
ऐसे में घरों में स्ट्रॉबेरी उगाना अब न सिर्फ आसान हुआ है, बल्कि लोगों में इसकी ताज़ा फल की मांग भी तेजी से बढ़ी है।
ऊंची कीमतों का समाधान—घर पर करें उत्पादन
सर्दियों में स्ट्रॉबेरी की मांग बढ़ जाती है और बाजार में इसकी कीमत सामान्यतः ऊंची होती है। परंतु अब गार्डन, बालकनी, छत या आंगन में छोटे गमलों का उपयोग करके कम खर्च में ताज़ी स्ट्रॉबेरी घर पर उगाई जा सकती है। इससे न सिर्फ खर्च कम होगा, बल्कि परिवार को शुद्ध, रसायन-मुक्त फल भी मिलेंगे।
सही किस्म का चुनाव बेहद जरूरी
भारत में कई प्रकार की स्ट्रॉबेरी किस्में उपलब्ध हैं— कैमरोज़, चैंडलर, विंटर डॉन, स्वीट चार्ली जैसी किस्में घर पर लगाने के लिए भी उपयुक्त मानी जाती हैं।
छत्तीसगढ़ में प्रयोगात्मक खेती में चैंडलर और कैमरोज़ किस्में अच्छा उत्पादन देती देखी गई हैं। सही किस्म चुनकर आप अधिक पैदावार, बेहतर स्वाद और उच्च गुणवत्ता वाले फल प्राप्त कर सकते हैं।
कैसा पॉट चुनें?
घर पर स्ट्रॉबेरी उगाएँ , स्ट्रॉबेरी की जड़ें बहुत गहरी नहीं होतीं, लेकिन फैलने के लिए जगह चाहती हैं।
इसलिए घर में रोपाई के लिए 10–12 इंच गहरा गमला आदर्श माना जाता है।
गमले में पानी निकालने की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि पानी जमा न हो और जड़ों में सड़न न लगे।
सिंचाई की सही तकनीक
स्ट्रॉबेरी की जड़ों को हल्की नमी पसंद है।
मिट्टी हमेशा हल्की नम रखें, लेकिन अत्यधिक पानी न दें।
सर्दियों में कम पानी और गर्मियों में रोज पानी देना पड़ सकता है।
पत्तियों पर पानी डालने से फंगल रोग हो सकते हैं, इसलिए हमेशा पानी मिट्टी में ही दें।
