Geeta Jayanti
PATNA, INDIA - JANUARY 18: Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav addressing during his felicitation function at S.K. Memorial hall organized by Shri Krishna Chetna Samiti on January 18, 2024 in Patna, India. (Photo by Santosh Kumar/Hindustan Times via Getty Images)
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रायपुर / ETrendingIndia / एमपी गीता जयंती उत्सव , राज्यभर में गीता जयंती की तैयारी पूरी

मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि 1 दिसंबर को पूरे राज्य में गीता जयंती भव्य रूप से मनाई जाएगी। इसलिए सभी जिलों, ब्लॉकों और गांवों में विशेष आयोजन होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिया है कि यह उत्सव सार्वभौमिक ज्ञान और मानवता को समर्पित हो।

कैबिनेट बैठक के बाद शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी दी कि गीता किसी एक धर्म का ग्रंथ नहीं है। इसके बजाय यह पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विदेश यात्राओं के दौरान विश्व नेताओं को गीता भेंट कर इसे वैश्विक पहचान दिलाई है।


तीन लाख भक्त करेंगे सामूहिक पाठ

सरकार के अनुसार, राज्य के 55 जिलों और 10 संभागों के सभी 313 विकासखंडों में लगभग तीन लाख लोग एक साथ गीता के 15वें अध्याय के श्लोकों का पाठ करेंगे। यह आयोजन बड़े पैमाने पर होगा। साथ ही श्रीकृष्ण परंपरा के आचार्य इन पाठ कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। ये समारोह ब्लॉक मुख्यालयों, मंदिरों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित होंगे।


उज्जैन में राज्यस्तरीय समारोह

उज्जैन में भव्य राज्यस्तरीय गीता जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा। यहाँ मुख्यमंत्री मोहन यादव के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग क्षेत्र में प्रवचन, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसलिए शहर भर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिलेगा।


अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में एमपी की भागीदारी

मध्य प्रदेश सरकार हरियाणा सरकार के साथ समन्वय कर रही है ताकि कुुरुक्षेत्र में हो रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में राज्य की भागीदारी सुनिश्चित हो। यह उत्सव 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक चल रहा है। इसमें 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। मध्य प्रदेश से विद्वानों, कलाकारों और श्रद्धालुओं का प्रतिनिधिमंडल इसमें भाग लेगा।


स्कूलों और कॉलेजों में गतिविधियाँ

राज्यभर के शिक्षण संस्थानों में भी गीता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कई जिलों में निबंध लेखन, क्विज़ और समूह पाठ की घोषणा की गई है। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों को भी गीता पढ़ने और उस पर मनन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कुल मिलाकर यह आयोजन सांस्कृतिक गर्व और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ाने का प्रयास है।