ETrendingIndia रायपुर 26 नवंबर 2025/ Indian stock market: BSE and NSE see “explosive gains”/
भारतीय शेयर बाजार ने आज सरपट दौड़ लगाई और धमाकेदार बढ़त के साथ बंद हुआ.
Sensex ने आज एक हजार अंक से अधिक की उछाल लगाई। Nifty 50 भी लगभग 26,200 के आसपास ट्रेंड कर रहा था।
BSE Sensex के लिए जहां ऑल-टाइम हाई करीब 85,978 था वहीं आज Sensex ने 85,630 का इंट्राडे हाई बनाया — यानी सर्वोच्च हाई से मात्र 350-400 अंक नीचे।
इसी तरह Nifty 50 का इंट्राडे ऑल-टाइम हाई 26,277.35 रहा है। आज Nifty लगभग 26,200 पर रहा — यानी सर्वोच्च हाई से मात्र 70-80 अंक नीचे। इस तरह बीएसई और एनएसई दोनों सेंसेक्स अब आल-टाइम हाई से बहुत करीब है।
आज दोनों बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex और Nifty 50 में करीब 1 % की तेजी देखी गई। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी जोरदार बढ़त रही, यानी सिर्फ बड़े शेयर नहीं बल्कि छोटे–मझोले शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी।
बाजार पूँजीकरण में करीब ₹4 लाख करोड़ का इज़ाफा हुआ — यानी, निवेशकों की समृद्धि में भारी बढ़ोतरी। घरेलू और एफआईआई दोनों की खरीद ने आज मार्केट को बढ़ाने में योगदान दिया.
आज बैंकिंग, मेटल, रियल्टी, PSU बैंक, मिड/स्मॉल-कैप सब सेक्टर्स में खरीदारी रही — जिसका मतलब है कि निवेशक सिर्फ कॉन्फिडेंस स्टॉक्स नहीं बल्कि सामान्य शेयरों में भी भरोसा दिखा रहे हैं। सिर्फ कुछ सेक्टर्स नहीं, पूरा बाज़ार हरे निशान में रहा.
धातु (Metal): आज का रैली का मुख्य केंद्र रहा। धातु क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखी गई।
PSU बैंक / बैंकिंग सेक्टर: बैंकिंग और पब्लिक-सेक्टर बैंक (PSU बैंक) शेयरों ने मजबूती दिखाई — इस क्षेत्र में भी अच्छी खरीदारी रही।
तेजी के प्रमुख कारण
- वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल — दाम कम, उम्मीदें बढ़ीं
दुनिया के बड़े बाजारों (विशेषकर अमेरिका) में हालिया आर्थिक आंकड़ों — जैसे रिटेल सेल्स और उपभोक्ता विश्वास — से संकेत मिले कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve (Fed) शायद जल्द ब्याज दरें कम करे। इससे उभरते बाजारों (जिनमें भारत भी शामिल है) में निवेश की उम्मीद revived हुई।
अमेरिकी रेट-कट की उम्मीद से स्टॉक-मार्केट में जोखिम लेने की प्रवृत्ति लौटी।
- कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में गिरावट
Crude Oil के दाम गिरने से ऊर्जा-अभावित कंपनियों, मेटल, रियल्टी, बैंकिंग आदि क्षेत्रों पर दबाव कम हुआ — जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
शेयर मार्केट के विश्लेषकों ने अब तक की रिपोर्ट में कोई स्पष्ट राजनीतिक घटना (जैसे बजट, नया कानून, चुनावी फैसला) को तेज़ी का मुख्य कारण नहीं बताया गया है। बल्कि फोकस रहा है ग्लोबल आर्थिक संकेत, कच्चा तेल, निवेशकों की मानसिकता और फाइनेंशिय लिक्विडिटी आदि आर्थिक एवं बाज़ार-सेंटीमेंट कारणों पर।
आज BSE-NSE की रफ्तार को वैश्विक आर्थिक माहौल, कम कच्चे तेल की कीमत, निवेशक भरोसा, और हेवीवेट शेयरों के साथ मिड/स्मॉल-कैप शेयरों में चौतरफा खरीदारी ने मिलकर जन्म दिया। यह रैली आर्थिक-सेंटीमेंट और मार्केट -डायनामिक से प्रेरित है
