रायपुर / ETrendingIndia / भारत–अमेरिका MH-60R सौदा हुआ लागू
भारत ने अमेरिकी सरकार के साथ भारत–अमेरिका MH-60R सौदा आधिकारिक रूप से पूरा कर लिया। आज रक्षा मंत्रालय ने MH-60R नौसेना हेलिकॉप्टरों के दीर्घकालिक समर्थन के लिए महत्वपूर्ण LOAs पर हस्ताक्षर किए। यह सौदा सात हजार नौ सौ करोड़ रुपये से अधिक का है और इसलिए भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता को नई मजबूती देगा।
तकनीकी सहायता और स्पेयर पार्ट्स का व्यापक पैकेज
मंत्रालय के अनुसार, इस सौदे में स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी सहयोग तथा प्रशिक्षण शामिल है। इसके अलावा, समझौते में कंपोनेंट रिपेयर, रिप्लेनिशमेंट और मध्यम-स्तरीय मेंटेनेंस सुविधाएँ भी विकसित की जाएँगी। इस कारण MH-60R हेलिकॉप्टर बेड़े की तैयारियाँ और मेंटेनेंस व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ ही, यह पैकेज भारतीय नौसेना के मिशनों में बेहतर समर्थन प्रदान करेगा।
परिचालन क्षमता और मेंटेनेंस में बढ़ोतरी
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत–अमेरिका MH-60R सौदा उन्नत हेलिकॉप्टरों की ऑपरेशनल रेडीनेस को बढ़ाएगा। हेलिकॉप्टरों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक मरम्मत और निरीक्षण अब समय पर हो सकेंगे। इसके अलावा, तकनीकी सहायता मिलने से नौसेना की तत्परता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों के अनुरूप कदम
यह करार ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों से भी मेल खाता है। इसलिए घरेलू कंपनियों और MSME इकाइयों को रक्षा सेवा और लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़े कार्यों में भागीदारी का अवसर मिलेगा। इस प्रकार, भारत न केवल अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है, बल्कि घरेलू रक्षा उद्योग को भी मजबूत कर रहा है।
