रायपुर 21दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / अदालतों में AI उपयोग पर सरकार की स्थिति
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अदालतों में AI उपयोग अभी सीमित स्तर पर ही हो रहा है।
यह प्रयोग eCourts मिशन मोड परियोजना के तीसरे चरण के तहत किया जा रहा है।
हालांकि, अभी तक न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए कोई औपचारिक नीति तय नहीं हुई है।
eCourts Phase-III का उद्देश्य
eCourts Phase-III को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत लागू किया जा रहा है।
इसके लिए ₹7,210 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।
इसका उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
AI और नई तकनीकों पर विशेष फोकस
अदालतों में AI उपयोग के लिए ₹53.57 करोड़ अलग से निर्धारित किए गए हैं।
इस राशि से AI और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का परीक्षण किया जा रहा है।
लेकिन, यह उपयोग केवल DPR में स्वीकृत क्षेत्रों तक सीमित है।
चुनौतियाँ और निगरानी व्यवस्था
सरकार ने माना कि AI उपयोग में कई चुनौतियाँ हैं।
जैसे एल्गोरिदमिक पक्षपात, भाषा अनुवाद की सीमाएँ और डेटा सुरक्षा।
इस कारण, सुप्रीम कोर्ट की eCommittee ने एक उप-समिति का गठन किया है।
पायलट प्रोजेक्ट में इस्तेमाल हो रहे AI टूल
फिलहाल अदालतों में AI उपयोग के तहत कुछ टूल का परीक्षण चल रहा है।
जैसे AI आधारित Legal Research Assistant और Digital Courts 2.1 प्लेटफॉर्म।
इन टूल्स में वॉइस-टू-टेक्स्ट और अनुवाद की सुविधा भी शामिल है।
सरकार का अंतिम संदेश
अंत में, सरकार ने बताया कि पायलट चरण में किसी तरह की गंभीर समस्या सामने नहीं आई है।
फिर भी, अदालतों में AI उपयोग पर अंतिम फैसला सोच-समझकर लिया जाएगा।
यह जानकारी कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में दी।
