Share This Article रायपुर 21दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / स्वास्थ्य संतुलन वैश्विक जरूरत पर PM मोदी का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य संतुलन वैश्विक जरूरत बन गया है।उन्होंने तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए सामूहिक प्रयासों पर ज़ोर दिया।यह संबोधन WHO पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में दिया गया। पारंपरिक चिकित्सा में भारत की बढ़ती भूमिका प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पारंपरिक चिकित्सा के लिए एक मजबूत वैश्विक मंच बन चुका है।उन्होंने WHO और आयुष मंत्रालय का आभार व्यक्त किया।साथ ही, जामनगर स्थित WHO ग्लोबल सेंटर को भारत पर दुनिया का भरोसा बताया। तकनीक और परंपरा का समन्वय स्वास्थ्य संतुलन वैश्विक जरूरत को ध्यान में रखते हुए नई पहलें शुरू की गईं।सम्मेलन में AI आधारित टूल, डिजिटल हेल्थ और शोध नवाचार प्रदर्शित किए गए।इससे परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच तालमेल मजबूत हुआ। योग और आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता प्रधानमंत्री ने कहा कि योग ने मानवता को संतुलन और सामंजस्य का मार्ग दिखाया है।इसी कारण 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया।उन्होंने योग पुरस्कार विजेताओं को समर्पण का प्रतीक बताया। आधुनिक बीमारियों की जड़ में असंतुलन प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीवनशैली में असंतुलन कई बीमारियों का कारण है।जैसे मधुमेह, हृदय रोग, मानसिक समस्याएं और कैंसर।इस कारण स्वास्थ्य संतुलन वैश्विक जरूरत बन गया है। भविष्य की चुनौतियों के लिए चेतावनी उन्होंने कहा कि AI और रोबोटिक्स जैसे बदलाव नई स्वास्थ्य चुनौतियाँ ला सकते हैं।इसलिए पारंपरिक चिकित्सा को भविष्य के लिए भी तैयार रहना होगा।अंत में, उन्होंने भरोसे और वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। Share This Article Post navigation डेंगू का बढ़ता खतरा : राजधानी दिल्ली समेत देश भर में बढ़ रहे हैं तेजी से मामले मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में विश्व ध्यान दिवस मनाया गया