रायपुर, 6 मई 2026 / ETrendingIndia / रायपुर में फर्जी जॉब रैकेट का खुलासा
Raipur ग्रामीण पुलिस ने फर्जी जॉब रैकेट का बड़ा भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 34 लोगों को नकली नियुक्ति पत्र देकर करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की।
इस मामले के सामने आने के बाद नौकरी तलाश रहे युवाओं में चिंता बढ़ गई है।
शिक्षक और क्लर्क निकले मास्टरमाइंड
गिरफ्तार आरोपियों में राजेश शर्मा और मनोज कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं।
राजेश शर्मा सरकारी शिक्षक है, जबकि मनोज एक निजी स्कूल में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। दोनों ने मिलकर सामान्य प्रशासन विभाग के नाम पर फर्जी आदेश तैयार किए।
इसके बाद इन दस्तावेजों को व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए फैलाया गया।
नकली नियुक्ति पत्र देकर की करोड़ों की ठगी
फर्जी जॉब रैकेट के तहत आरोपियों ने परिवहन, वन, पंचायत, शिक्षा और राजस्व विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
इसके अलावा दस्तावेजों में सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे लोग आसानी से उनके झांसे में आ गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से नकली नियुक्ति पत्र तैयार किए थे।
पुलिस जांच में सामने आई पूरी साजिश
यह मामला तब सामने आया, जब राजपाल बघेल ने राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाई और तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान मुख्य आरोपी राजेश शर्मा को डोंगरगढ़ से गिरफ्तार किया गया।
