Share This Article रायपुर 25 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / अटल जी योगदान राष्ट्र निर्माण , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर की ऐतिहासिक धरती पर 20वी शताब्दी में अटल जी के रूप में जन्मे विराट व्यक्तित्व ने लोक कल्याण एवं राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय योगदान दिया और लोकतंत्र को नई दिशा दी। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गाँव-गाँव में विकास का कारवां पहुँच रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अटल जी की पावन स्मृति में ग्वालियर में आयोजित हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन “हमारे अटल प्यारे अटल” का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने देश के प्रख्यात कवि श्री बलवीर सिंह करुण अलवर को वर्ष 2024 एवं प्रख्यात कवियत्री डॉ. कीर्ति काले को वर्ष 2025 के “कवि अटल सम्मान” से विभूषित किया। अटल सम्मान के रूप में दोनों विभूतियों को एक – एक लाख रुपए की राशि, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल-श्रीफल सौंपकर सम्मानित किया गया। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित हुए इस आयोजन में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न अटलजी का स्मरण करते हुए कहा कि वे राजनीति के अजातशस्त्रु थे। उनमें विचारों की दृढ़ता भी अद्वितीय थी। अटल जी ने अपने दृढ़ संकल्प के फलस्वरूप ही पोखरण परमाणु विस्फोट कर सारी दुनिया को अचंभित कर भारत का मान बढ़ाया था। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को सही मायने में अपनाया था। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। प्रदेश सरकार ने अटल जी के आदरांजलि स्वरूप उद्योग एवं रोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ गाँवों के समग्र विकास का बीड़ा उठाया है। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ग्वालियर में आयोजित होने जा रही एमपी ग्रोथ समिट में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के भूमिपूजन व लोकार्पण होने जा रहे हैं। उनकी भावनाओं के अनुरूप प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। वर्तमान में 54 लाख हैक्टेयर रकबे में सिंचाई हो रही है, जिसे हम बढ़ाकर 100 लाख हैक्टेयर तक ले जायेंगे। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि “हर हाथ को काम व हर हाथ को पानी” मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल जी की प्रसिद्ध कवितायें “हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा” एवं “कदम मिलाकर चलना होगा” का पाठ कर अपने उदबोधन को विराम दिया। Share This Article Post navigation उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारी- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज और शिप्रा के निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत जैसे ब्राण्ड के विक्रय केन्द्रों का जिला स्तर तक किया जाए विस्तार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव