रायपुर, 26 दिसम्बर 2025/ ETrendingIndia / धान की कीमत किसान , बस्तर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम बिनता से निकली यह कहानी मेहनत, भरोसे और किसान हितैषी सरकारी नीतियों की ताकत को बयां करती है।
कभी दूसरों के खेतों में मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले किसान दिनेश पाण्डे आज न केवल आत्मनिर्भर किसान हैं, बल्कि खुद के पिकअप वाहन के मालिक भी बन चुके हैं।
लोहंडीगुड़ा तहसील के ग्राम बिनता निवासी दिनेश के पास 10 एकड़ पुश्तैनी भूमि तो थी, लेकिन संसाधनों और पूंजी के अभाव में खेती लाभ का साधन नहीं बन पा रही थी। जीवन में बड़ा बदलाव तब आया जब छत्तीसगढ़ शासन ने किसानों से धान की खरीदी उचित और लाभकारी मूल्य दिया ।
धान की सही कीमत मिलने से दिनेश ने मजदूरी छोड़कर पूरी निष्ठा से खेती शुरू की। मेहनत रंग लाई और पिछले वर्ष उन्होंने लगभग 4 लाख रुपये का धान सहकारी समिति में विक्रय किया। इस राशि से उन्होंने खेत में नलकूप खनन कराया, जिससे सिंचाई की समस्या दूर हुई। इस वर्ष भी उन्होंने करीब 4 लाख रुपये का धान विक्रय कर अपनी आय को और मजबूत किया।
दिनेश ने 2 एकड़ में सब्जी खेती शुरू की और उपज को बाजार तक पहुंचाने के लिए पिकअप वाहन खरीदा। इससे उनकी आमदनी के नए रास्ते खुले। आर्थिक मजबूती का असर परिवार पर भी दिखा—उनके बेटे-बेटी आज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं।
कभी मजदूर रहे दिनेश आज प्रगतिशील किसान और उद्यमी हैं। वे कहते हैं कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति किंटल की दर से धान का अच्छा मूल्य मिलने से उनके जीवन की दशा और दिशा बदली।
