रायपुर 6 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / Heroes of the country: Aan, Ban and Shaan seen by the elders, a grand welcome and honour of hundreds of villagers wearing Indian costumes dhoti-kurta and Khandwa (turban) / बुजुर्ग सम्मान समारोह , हरियाणा की धरती केवल फसल ही नहीं लहलहाती बल्कि देश की आन, बान और शान तथा समृद्ध परंपरा को भी सजाती और संवारती है. बीते 2025 का अंतिम दिन ग्राम चैहड़ कलां में बेहद अनोखे, प्रेरक और उत्साही आयोजन के रूप में मनाया गया, जब भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों के जीवंत प्रतीक धोती, कुर्ता और खंडवा (पगड़ी) पहने करीब सौ बुजुर्गों को भव्य सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया.

नए वर्ष के शुभारंभ पर चैहड़ कलां गांव के मंदिर वाला चौक इस परंपरागत गौरव का साक्षी बना, जब चार गांवों चैहड़ कलां, चैहड़ खुर्द, ढाणी केहरा और ढाणी हट्टी के बुजुर्ग शान- ओ-शौकत के साथ समारोह में पहुंचे और उनके सम्मान में आसपास के दर्जनों गांव के लोग इकट्ठा हो गए.
बुजुर्गों का मंच से परिचय कराया गया और कंबल भेंट कर सम्मानित किया गया। सार्वजनिक मंच पर पहली बार इस तरह के आत्मीय सम्मान से बुजुर्ग भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने उन्हें यह एहसास दिलाया कि समाज की नींव रखने वाले बुजुर्ग आज भी आदर और सम्मान के पात्र हैं।

कार्यक्रम के आयोजक छाजूराम चैहडिया ने कहा कि हमारे बुजुर्ग अनुभवों से भरी वह अमूल्य पुस्तक हैं, जिनके हर पन्ने में जीवन का सत्य और संस्कार छिपा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि आधुनिकता की दौड़ में परंपरा को न भूलें और बुजुर्गों के सानिध्य से जीवन की सीख लें।
ऊंट पालने वाले किसानों का भी विशेष सम्मान
इस अवसर पर ऊंट पालने वाले किसानों का भी विशेष सम्मान किया गया। सजे-धजे ऊंटों के साथ पहुंचे किसानों ने ग्रामीण विरासत की झलक प्रस्तुत की। वक्ताओं ने कहा कि ऊंट और ऊंट पालक कभी खेती और ग्रामीण जीवन की रीढ़ थे, जिन्हें सम्मान देना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।

सम्मान समारोह में राजेश आर्य, सरपंच प्रतिनिधि रामकिशन, सोमबीर शर्मा, सतबीर, जिला पार्षद प्रतिनिधि अमित, गौसेवक पिक्कू विकास, सुरेश चैहडिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल बुजुर्गों का सम्मान था, बल्कि भारतीय परंपरा की महिमा और संस्कारों का उत्सव भी साबित हुआ।
