रायपुर 9 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / Ahead of Makar Sankranti, cyclone threat looms over southern states as deep depression forms over southeast Bay of Bengal / दक्षिणी राज्यों पर चक्रवात खतरा , मकर संक्रांति से पहले, दक्षिणी राज्यों पर चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में भूमध्य रेखा के पास बना गहरा दबाव बुधवार सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा.
यह शाम तक, यह पोट्टुविल (श्रीलंका) से 570 किमी, बट्टिकलोआ (श्रीलंका) से 620 किमी, कराईकल (तमिलनाडु) से 990 किमी और चेन्नई से 1,140 किमी दूर केंद्रित था.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि गुरुवार 9 जनवरी तक इसके एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने और अगले 48 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढऩे की संभावना है. इसके असर से, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को श्रीलंका और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है.
चक्रवाती तूफ़ान को देखते हुए, चक्रवात चेतावनी केंद्र ने विशाखापत्तनम, मछलीपट्टनम, निजामपट्टनम, कृष्णपट्टनम, गंगावरम और काकीनाडा पोर्ट के लिए कैटेगरी वन वॉर्निंग जारी की है.
आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि शनिवार और रविवार को श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर, अन्नामय्या, चित्तूर और तिरुपति जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. आम तौर पर, नॉर्थ-ईस्ट मॉनसून का मौसम 31 दिसंबर तक चला जाता है.
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में जनवरी और फरवरी में दूसरे महीनों की तुलना में दबाव और चक्रवात बनने की दर काफी कम होती है. 1891 और 2024 के बीच, दो गंभीर चक्रवात, छह चक्रवात और 12 डिप्रेशन बने हैं, जिनमें से ज़्यादातर श्रीलंका में लैंडफॉल हुए. यह ध्यान देने वाली बात है कि इनमें से तीन को छोड़कर बाकी सभी सिस्टम संक्रांति त्योहार से पहले बने थे, जिनमें से सिफऱ् एक ही आंध्र प्रदेश में आया.
