Share This Article रायपुर 11 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / Arunachal Pradesh embarks on a new chapter: Towards becoming the country’s first ‘bio-happy’ district / बायो-हैप्पी जिला अरुणाचल , अरुणाचल प्रदेश का केयी पानयोरी जिला देश का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’ बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण को मानव कल्याण और खुशहाली से जोड़ना है। ‘बायो-हैप्पीनेस’ मॉडल में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदाय की आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस अवधारणा को मशहूर कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन ने आगे बढ़ाया था, जिसमें सतत विकास और प्रकृति के साथ सामंजस्य पर ज़ोर दिया गया है। केयी पानयोरी जिले में जैविक खेती, वनों का संरक्षण, स्वच्छ जल स्रोतों की सुरक्षा, पारंपरिक ज्ञान का संवर्धन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। राज्य सरकार के अनुसार, यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। यह पहल अरुणाचल प्रदेश को हरित विकास और मानव-केन्द्रित नीति के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिला सकती है। Share This Article Post navigation बंजर से हरित भविष्य तक का सफर : माइनिंग डंप में व्यापक वृक्षारोपण से बिछी हरियाली की चादर