Share This Article रायपुर, 03 सितंबर / ETrendingIndia / अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरत ग्लॉ झील (Glaw Lake) को रामसर स्थल का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही भारत में अंतरराष्ट्रीय महत्व वाली रामसर साइटों की संख्या 101 हो गई है। खास बात यह है कि यह अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गत माह इसकी घोषणा की। पूर्वी हिमालय में बसी है ग्लॉ झील ग्लॉ झील लोहित जिले के कमलांग टाइगर रिजर्व एवं वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित एक निर्मल मीठे पानी की झील है। यह क्षेत्र पूर्वी हिमालय के जैव विविधता वाले बेहद समृद्ध इलाकों में शामिल है। झील को सालभर बहने वाली पहाड़ी धाराओं से पानी मिलता है और इसके चारों ओर घने हरे जंगल हैं। 150 से ज्यादा पेड़, 49 ऑर्किड प्रजातियां ग्लॉ झील और इसके जलग्रहण क्षेत्र में 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां और 49 ऑर्किड प्रजातियां दर्ज की गई हैं। यह क्षेत्र वनस्पति और वन्यजीवों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। चार बड़ी बिल्लियों का आवास कमलांग के व्यापक परिदृश्य में बाघ, तेंदुआ, क्लाउडेड लेपर्ड और हिम तेंदुआ जैसी चार बड़ी बिल्ली प्रजातियां पाई जाती हैं। झील का क्षेत्र कई जल-निर्भर पक्षियों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिनमें गंभीर रूप से संकटग्रस्त व्हाइट-बेलिड हेरॉन भी शामिल है। यहां 20 से अधिक सरीसृप और उभयचर प्रजातियों का भी आवास है। मिश्मी समुदाय के लिए पवित्र झील ग्लॉ झील केवल प्राकृतिक धरोहर ही नहीं, बल्कि स्थानीय मिश्मी समुदाय के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व भी रखती है। यहां ट्रेकिंग और प्रकृति आधारित पर्यटन भी लोकप्रिय है। जल और जलवायु सुरक्षा को मिलेगा बल केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के अनुसार, ग्लॉ झील को रामसर दर्जा मिलने से आर्द्रभूमि संरक्षण, जैव विविधता, जल एवं जलवायु सुरक्षा और स्थानीय समुदायों की सतत आजीविका को मजबूती मिलेगी। 2014 में भारत में 26 रामसर स्थल थे, जो अब बढ़कर 101 हो गए हैं। Share This Article Post navigation दुर्ग : शहीदों की स्मृति में सोनपुर में शौर्य वाटिका का भूमिपूजन… 37 शहीद परिवारों का सम्मान हिमालय में GLOF और हिमस्खलन से निपटने की तैयारी तेज…! राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश…