रायपुर 14 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / डायबिटीज से भारत को भारी आर्थिक नुकसान
एक नए अध्ययन के अनुसार डायबिटीज आर्थिक बोझ भारत पर तेजी से बढ़ रहा है।
इस अध्ययन में बताया गया है कि डायबिटीज के कारण भारत पर 11.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इस प्रकार, भारत इस सूची में दुनिया में दूसरे स्थान पर है।
अमेरिका पहले, चीन तीसरे स्थान पर
अध्ययन के अनुसार, अमेरिका पर डायबिटीज का सबसे अधिक आर्थिक बोझ है।
वहां यह लागत लगभग 16.5 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है।
इसके बाद भारत दूसरे और चीन 11 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर है।
हालांकि, सभी देशों में यह समस्या लगातार बढ़ रही है।
204 देशों में 2050 तक किया गया आकलन
यह अध्ययन ऑस्ट्रिया के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एप्लाइड सिस्टम्स एनालिसिस और विएना यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है।
उन्होंने 2020 से 2050 तक 204 देशों में डायबिटीज के आर्थिक प्रभाव का आकलन किया।
परिणामस्वरूप, वैश्विक स्तर पर डायबिटीज की लागत लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है।
वैश्विक GDP पर भी असर
अध्ययन में यह भी बताया गया कि यह लागत दुनिया की वार्षिक GDP का लगभग 0.2 प्रतिशत है।
हालांकि, इसमें परिवार द्वारा दी जाने वाली अनौपचारिक देखभाल को शामिल नहीं किया गया है।
अंत में, विशेषज्ञों ने रोकथाम और समय पर इलाज पर जोर दिया है।
