रायपुर, 17 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / From paddy to horticulture: Funds received for mulching and drip irrigation, earning 10 lakh rupees in a year / धान से उद्यानिकी खेती , छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी योजनाएं जब ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे किसानों की किस्मत बदलने का माध्यम बन जाती हैं। ऐसी ही एक प्रेरक सफलता की कहानी है राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम लाममेटा के प्रगतिशील किसान श्री त्रवेंद्र साहू की।
वर्षों तक परंपरागत धान की खेती करने वाले श्री साहू ने समय की मांग को समझते हुए उद्यानिकी की ओर कदम बढ़ाया और आज आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गए हैं।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत उन्हें लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये का अनुदान मिला। इस सहयोग से उन्होंने 1.5 एकड़ क्षेत्र में मल्चिंग पद्धति से टमाटर की खेती शुरू की। उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में ड्रिप सिंचाई, उन्नत किस्म के पौधों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों का उपयोग किया गया, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
इस वर्ष टमाटर की बंपर पैदावार से श्री साहू ने करीब 10 लाख रुपये की बिक्री की और लगभग 7 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। ‘परी’ किस्म के टमाटर की बाजार में विशेष मांग रही, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिले। उनकी उपज स्थानीय मंडियों के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक पहुंची।
आज श्री त्रवेंद्र साहू की यह सफलता कहानी बताती है कि सही योजना, तकनीक और सरकारी सहयोग से फसल विविधीकरण किसानों की आय को कई गुना बढ़ा सकता है। वे अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं।
