रायपुर 21 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / Vayu Shakti-2026 : IAF’s biggest show of strength, over 125 aircraft to fly from 8 airbases on February 26 / वायुशक्ति 2026 अभ्यास , ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना एक बार फिर अपनी वैश्विक क्षमता का प्रदर्शन करने जा रही है। राजस्थान के पोखरण के पास चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में 12 फरवरी से शुरू हुआ वायुसेना का महावार्षिक युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति–2026’ अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गया है।
इसका मुख्य और सबसे बड़ा प्रदर्शन 26 फरवरी को होगा, जब देश के पश्चिमी सीमा क्षेत्र के 8 एयरबेस से 125 से अधिक लड़ाकू, परिवहन और हेलिकॉप्टर विमान एक साथ उड़ान भरकर हवा और जमीन पर लक्ष्य भेदेंगे।
इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना दो मोर्चों पर युद्ध की तैयारियों का अभ्यास कर रही है। दिन-रात चलने वाले इस अभ्यास में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, तेजस, जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के साथ ड्रोन, एअर डिफेंस सिस्टम और हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं। आधुनिक हथियारों, सटीक बमबारी और मिसाइल प्रणालियों का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा।
इस बार राफेल के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई मेटियोर मिसाइल और स्कैल्प मिसाइल की क्षमताओं का प्रदर्शन भी किया जा सकता है। साथ ही, हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी और अत्याधुनिक मिसाइलों की झलक भी देखने को मिलेगी।
24 फरवरी को युद्धाभ्यास की फुल ड्रेस रिहर्सल होगी, जबकि 26 फरवरी को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना है। पूरे अभ्यास का संचालन जोधपुर एयरबेस से किया जा रहा है।
वायुशक्ति–2026 के जरिए भारतीय वायुसेना यह संदेश दे रही है कि वह किसी भी चुनौती का पूरी ताकत से सामना करने में सक्षम है।
