रायपुर 23 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / ग्रीनलैंड मुद्दे पर पुतिन की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार ग्रीनलैंड पर पुतिन बयान देते हुए स्पष्ट किया कि यह मुद्दा रूस के लिए कोई चिंता का विषय नहीं है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और डेनमार्क को यह विवाद आपस में ही सुलझाना चाहिए।
और रूस इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा।
ट्रंप की ग्रीनलैंड नीति पर रूस की नजर
मॉस्को ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड खरीदने की कोशिशों को ध्यान से देखा है।
इससे अमेरिका और यूरोप के बीच मतभेद बढ़े हैं।
हालांकि इससे आर्कटिक क्षेत्र में रूस के हित प्रभावित हो सकते हैं, फिर भी ग्रीनलैंड पर पुतिन बयान काफी संतुलित रहा।
ग्रीनलैंड की कीमत 1 अरब डॉलर क्यों
पुतिन ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि 1867 में रूस ने अलास्का अमेरिका को बेचा था।
इसी तरह डेनमार्क ने भी वर्जिन आइलैंड्स बेचे थे।
इस कारण उन्होंने अनुमान लगाया कि ग्रीनलैंड की कीमत लगभग 1 अरब डॉलर हो सकती है।
और अमेरिका इसे वहन कर सकता है।
डेनमार्क पर आरोप और भविष्य का संकेत
पुतिन ने डेनमार्क पर ग्रीनलैंड को उपनिवेश की तरह रखने का आरोप लगाया।
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस पर ज्यादा चर्चा जरूरी नहीं है।
अंत में, ग्रीनलैंड पर पुतिन बयान यह संकेत देता है कि रूस इस मुद्दे से दूरी बनाए रखेगा।
कुल मिलाकर, यह बयान वैश्विक कूटनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा करता है।
