अमेरिका भारत टैरिफ विवाद
अमेरिका भारत टैरिफ विवाद
Share This Article

रायपुर 25 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / : EU पर टैरिफ न लगाने का आरोप

अमेरिका भारत टैरिफ विवाद में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने यूरोपीय देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि EU ने भारत पर टैरिफ नहीं लगाया क्योंकि वे बड़ा व्यापार समझौता करना चाहते थे। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोप भारत से रूसी तेल खरीदकर रूस के युद्ध को वित्तपोषित कर रहा है।


भारत-EU FTA चर्चा और संभावित समझौता

Bessent के बयान के समय भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत चल रही थी। Reuters के अनुसार, समझौता 27 जनवरी को संभवतः अंतिम रूप ले सकता है। इस समझौते से यूरोपीय कारों और वाइन पर टैरिफ कम होंगे, और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और रसायन उत्पादों का बाजार बढ़ेगा।


अमेरिका के टैरिफ को सफलता बताया

स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ सफल रहे। उन्होंने बताया कि रूसी तेल की खरीद भारत में घट गई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इन टैरिफ को हटाने का रास्ता मौजूद है।


यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूसी तेल आयात बढ़ाया

Bessent ने कहा कि यूक्रेन पर आक्रमण के बाद भारत ने रूस से तेल आयात और परिष्कृत तेल उत्पादन बढ़ा दिया। उन्होंने बताया कि पहले रूस का हिस्सा केवल 2–3% था, जो अब 17–19% तक बढ़ गया है। इससे रिफाइनर को भारी लाभ हुआ।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, अमेरिका भारत टैरिफ विवाद और EU के व्यवहार से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और राजनयिक संबंधों पर असर पड़ रहा है। Bessent के बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका भारत पर टैरिफ के असर और रणनीति को लेकर गंभीर है।