Share This Article रायपुर 30 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / हादसे के बाद रियल इस्पात प्लांट कार्रवाई तेज रियल इस्पात प्लांट कार्रवाई हादसे के बाद तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के भाटापारा तहसील स्थित प्लांट में हुई औद्योगिक दुर्घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। इसके अलावा संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया। प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। इसी तरह अधिकारियों ने साफ किया कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में कई गंभीर नियम उल्लंघन सामने आए रियल इस्पात प्लांट कार्रवाई की वजह जांच रिपोर्ट में सामने आई बड़ी लापरवाही है। जांच टीम ने पाया कि कारखाना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 के कई प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। इसलिए अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया। उदाहरण के लिए, किल्न क्रमांक-01 को बिना शटडाउन के चालू रखा गया। इसके अलावा श्रमिकों से खतरनाक हालात में काम कराया गया। सुरक्षित कार्यप्रणाली और अनुमति प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। श्रमिक सुरक्षा और श्रम कानूनों की भी अनदेखी रियल इस्पात प्लांट कार्रवाई में श्रमिक सुरक्षा बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। डस्ट सेटलिंग चेंबर में गर्म ऐश हटाने के दौरान सुरक्षा उपकरण और SOP का पालन नहीं हुआ। नए श्रमिकों को भी बिना अनुमति खतरनाक जगहों पर लगाया गया। इसके अलावा, न्यूनतम वेतन अधिनियम और संविदा श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन मिला। जबकि प्लांट में बड़ी संख्या में ठेका और बाहरी राज्यों के श्रमिक कार्यरत थे। इस कारण मामला और गंभीर हो गया। हादसे में जान-माल का बड़ा नुकसान रियल इस्पात प्लांट कार्रवाई से पहले यह हादसा 22 जनवरी को हुआ था। पहले विस्फोट हुआ, फिर गर्म ऐश की बौछार फैल गई। परिणामस्वरूप कई श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। हादसे में मृत श्रमिकों के परिजनों को मुआवजा दिया गया है। घायलों का इलाज जारी है। अंत में प्रशासन ने किल्न क्रमांक-01 के संचालन और मेंटेनेंस कार्यों पर रोक लगा दी है। कुल मिलाकर, जांच पूरी होने तक सख्त निगरानी जारी रहेगी। Share This Article Post navigation सोने चांदी की कीमतों में गिरावट: MCX पर गोल्ड और सिल्वर में बड़ी टूट भारत-EU FTA के बाद ईयू में गारमेंट निर्यात प्रतिस्पर्धा, बांग्लादेश पर बढ़ेगा दबाव