रायपुर 2 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / The custom hiring scheme changed Prateek’s life: he earned Rs. 2.6 lakh in the first two months alone./ कस्टम हायरिंग स्कीम किसान , मध्यप्रदेश सरकार की निजी कस्टम हायरिंग स्कीम आज किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए नई राह खोल रही है। योजना से जुड़कर बुरहानपुर जिले के ग्राम टिटगांवकलां के युवा किसान प्रतीक पाटील ने न केवल अपनी खेती को आसान बनाया, बल्कि गांव के अन्य किसानों के लिए भी मददगार साबित हो रहे हैं।
प्रतीक एक किसान परिवार से हैं और वर्षों से अपने पिता के साथ खेती कर रहे थे। खेती के दौरान उन्होंने महसूस किया कि गांवों में समय पर ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध न होने से किसानों को परेशानी होती है। इससे खेती में देरी होती है और लागत भी बढ़ जाती है।
इसी समस्या का समाधान ढूंढते हुए प्रतीक ने कस्टम हायरिंग स्कीम के बारे में जानकारी प्राप्त की और ऑनलाइन आवेदन किया। कंप्यूटराइज्ड लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से उनका चयन हुआ।
योजना के तहत प्रतीक को लगभग 20.5 लाख रुपये की परियोजना लागत पर ऋण स्वीकृत हुआ। अक्टूबर 2025 में उन्होंने “गुरूकृपा कस्टम हायरिंग सेंटर” की स्थापना की और ट्रैक्टर सहित कई आधुनिक कृषि यंत्र खरीदे।
आज वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्र के लगभग 40 किसानों को ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, रोटावेटर, मल्टीक्रॉप थ्रेशर, सीड- कम- फर्टिलाइज़र जैसी मशीनें किराये पर उपलब्ध करा रहे हैं।
इस पहल से किसानों को समय पर खेती करने में सुविधा मिली है, लागत कम हुई है और उत्पादन बढ़ा है। वहीं प्रतीक को भी स्वरोजगार का स्थायी साधन मिला है। बीते दो महीनों में ही उन्होंने करीब 2.6 लाख रुपये का कार्य किया है।
