रायपुर 10 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Restructuring of National Horticulture Mission: Implemented in all districts of the country, farmers will get more benefits / राष्ट्रीय बागवानी मिशन पुनर्गठन , भारत सरकार ने बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन की शुरुआत वर्ष 2004-05 में की थी। वर्ष 2014-15 में इसका दायरा बढ़ाते हुए इसे एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) में शामिल किया गया। अब वर्ष 2025 में संशोधित दिशानिर्देशों के साथ एमआईडीएच का पुनर्गठन कर इसे पूरे देश के सभी जिलों में लागू किया गया है।
लागत मानदंड बढ़ा और फसलों का भी विस्तार
नई व्यवस्था के तहत विभिन्न गतिविधियों के लागत मानदंड बढ़ाए गए हैं। साथ ही उच्च मूल्य वाली, विदेशी और औषधीय फसलों को शामिल कर नवीन एवं आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
किसानों को उचित मूल्य की व्यवस्था
सरकार बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के माध्यम से जल्दी खराब होने वाली कृषि एवं बागवानी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कर रही है। इसके अंतर्गत मूल्य अंतर भुगतान (पीडीपी) की सुविधा भी जोड़ी गई है।
भुगतान और परिवहन सहायता
टमाटर, प्याज और आलू जैसी प्रमुख फसलों के भंडारण व परिवहन लागत की प्रतिपूर्ति की जाती है। एमआईएस के तहत सभी भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किए जाते हैं।
