रायपुर 11 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Forest fairs are becoming the base: Chief Minister Dr. Yadav / महाकाल वन मेला उज्जैन , उज्जैन में पहली बार आयोजित ‘श्री महाकाल वन मेला-2026’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। उन्होंने कहा कि वन हमारी राष्ट्रीय पूंजी हैं और उनका संरक्षण व संवर्धन हम सबकी जिम्मेदारी है।
“समृद्ध वन-खुशहाल जन” थीम पर आधारित यह मेला 16 फरवरी तक दशहरा मैदान में चलेगा। मेले में प्रदेशभर के 250 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां बांस व काष्ठ शिल्प, महुआ के लड्डू, श्रीअन्न उत्पाद, प्राकृतिक रंग-गुलाल और विभिन्न वनोपज उपलब्ध हैं। 150 से अधिक वैद्य और आयुर्वेदिक चिकित्सक नि:शुल्क परामर्श दे रहे हैं।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने एम्स की तर्ज पर तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की है। इनमें से एक संस्थान उज्जैन में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है।
आयुर्वेदिक शिक्षा का विस्तार
राज्य सरकार प्रदेश में आयुर्वेदिक और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ा रही है। पिछले वर्ष 8 नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू किए गए हैं और आगे भी विस्तार की योजना है।
वनौषधियों और प्राकृतिक चिकित्सा को प्रोत्साहन
मेले में जड़ी-बूटियों और लघु वनोपज आधारित आयुर्वेदिक उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘महाकाल स्मृति उपहार किट’ और ‘महाकाल वन प्रसादम्’ का शुभारंभ भी किया गया। वन औषधि विशेषज्ञ जगदीश प्रसाद अहिरवार को सम्मानित किया गया।
सरकार का लक्ष्य वन संपदा, जनजातीय आजीविका और आयुर्वेद को साथ लेकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना है।
