Share This Article रायपुर ,23 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / CJI सूर्यकांत रायपुर दौरा, दीक्षांत समारोह में दिया संदेश भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में महत्वपूर्ण संदेश दिया। CJI सूर्यकांत रायपुर दौरा के दौरान उन्होंने कहा कि “सहयोग” और “धैर्य” कानूनी पेशे में सफलता के दो मुख्य स्तंभ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कानून का क्षेत्र लंबी दूरी की दौड़ जैसा है। इसलिए अनुभव के साथ व्यक्ति का मूल्य बढ़ता है। HNLU दीक्षांत समारोह में छात्रों को सम्मान इस अवसर पर हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कई छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इसके तहत 6 छात्रों को पीएचडी, 88 को एलएलएम और 148 छात्रों को बीए एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री दी गई। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 36 मेडल भी दिए गए। कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पी. एस. नरसिम्हा और प्रशांत कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और राज्य सरकार के मंत्री भी शामिल हुए। डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम का किया दौरा कार्यक्रम के बाद CJI ने देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम का दौरा किया। यह म्यूजियम आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में स्थापित है। उन्होंने म्यूजियम की सराहना करते हुए कहा कि हर नागरिक को आदिवासी इतिहास और संस्कृति के बारे में जानकारी होनी चाहिए। इस प्रकार CJI सूर्यकांत रायपुर दौरा का यह पहलू भी खास रहा। युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को धैर्य और सहयोग का महत्व समझाया। साथ ही मेहनत और अनुभव को सफलता का आधार बताया। Share This Article Post navigation रायपुर : शंकर नगर से अवंति विहार मार्ग तक हटाए गए 11 ठेले कबीरधाम में 165 आदिवासियों की घर वापसी, विधायक भावना बोहरा ने किया पारंपरिक स्वागत